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टाटा पावर ने उत्तर प्रदेश में नई पारेषण परियोजनाओं का सफल संचालन किया

टाटा पावर ने उत्तर प्रदेश में अपनी नई पारेषण परियोजनाओं का सफल संचालन किया है, जिसमें 400 किलोवोल्ट की डबल सर्किट पारेषण लाइनों का उद्घाटन शामिल है। यह परियोजना राज्य के बिजली बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है। एसईयूपीपीटीसीएल के तहत सभी एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज पारेषण लाइनें चालू कर दी गई हैं। टाटा पावर की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता 7.5 गीगावाट है, जो उसकी कुल क्षमता का 46 प्रतिशत है।
 

टाटा पावर की नई उपलब्धि

भारत की प्रमुख एकीकृत बिजली कंपनी, टाटा पावर ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में अपनी रणनीतिक पारेषण परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन की जानकारी दी। कंपनी ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 400 किलोवोल्ट (kV) टांडा–गोंडा और 400 किलोवोल्ट (kV) गोंडा–बस्ती डबल सर्किट पारेषण लाइनों का उद्घाटन किया है।


कंपनी के अनुसार, इस उपलब्धि के साथ साउथ ईस्ट यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (एसईयूपीपीटीसीएल) परियोजना के तहत सभी एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (ईएचवी) पारेषण लाइनें और उपकेंद्र चालू कर दिए गए हैं।


एसईयूपीपीटीसीएल का महत्व

एसईयूपीपीटीसीएल, रिसर्जेंट पावर वेंचर्स पीटीई लिमिटेड का एक हिस्सा है, जिसमें टाटा पावर, आईसीआईसीआई बैंक और वैश्विक निवेशकों का सहयोग है। यह परियोजना बिजली क्षेत्र की दबावग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान प्रक्रिया के तहत अधिग्रहित की गई थी।


टाटा पावर की ऊर्जा उत्पादन क्षमता

टाटा पावर का कार्यक्षेत्र नवीकरणीय और पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन से लेकर पारेषण, वितरण, व्यापार, भंडारण समाधान और सौर सेल एवं मॉड्यूल निर्माण तक फैला हुआ है। कंपनी के पास 7.5 गीगावाट की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता है, जो उसकी कुल क्षमता का लगभग 46 प्रतिशत है।