टाटा मोटर्स की नई विकास रणनीति: 2031 तक 6 लाख करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य
टाटा मोटर्स ने अपनी विकास रणनीति का खुलासा करते हुए वित्त वर्ष 2031 तक 6 लाख करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी का ध्यान भारतीय यात्री वाहन कारोबार और जगुआर लैंड रोवर के प्रदर्शन पर है। इसके अलावा, टाटा मोटर्स ने कर्जमुक्त बनने और विद्युत वाहनों की बिक्री बढ़ाने की योजना बनाई है। जानें कंपनी की आगामी योजनाएं और निवेश की प्राथमिकताएं।
Jun 24, 2026, 20:36 IST
टाटा मोटर्स की विकास योजना
मुंबई से आई एक महत्वपूर्ण कारोबारी घोषणा में टाटा मोटर्स ने अपनी विकास रणनीति का खाका प्रस्तुत किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2031 तक अपने संयुक्त राजस्व को 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य भारतीय यात्री वाहन क्षेत्र और जगुआर लैंड रोवर की प्रदर्शन पर आधारित है।
राजस्व और लाभ के लक्ष्य
कंपनी ने निवेशकों के सामने अपनी योजना में बताया है कि वह वित्त वर्ष 2029 तक 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त करना चाहती है। इसके साथ ही, ब्याज और कर से पहले आय मार्जिन को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का भी लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2031 तक 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर पूर्व लाभ अर्जित करने की योजना है।
कर्जमुक्त बनने की दिशा में कदम
कंपनी वित्त वर्ष 2029 तक पूरी तरह से शुद्ध कर्जमुक्त बनने की दिशा में भी प्रयासरत है। टाटा मोटर्स ने अपनी पांच वर्षीय रणनीति के लिए वित्त वर्ष 2025 को आधार वर्ष माना है, क्योंकि वित्त वर्ष 2026 में जगुआर लैंड रोवर को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
पिछले वित्त वर्ष का प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का संयुक्त राजस्व लगभग 3.66 लाख करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2026 में यह घटकर करीब 3.36 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसका मुख्य कारण अमेरिकी शुल्क वृद्धि, चीन में मांग में कमी, पुराने जगुआर मॉडलों का उत्पादन बंद होना और साइबर हमले का प्रभाव रहा।
भारतीय यात्री वाहन कारोबार की सफलता
हालांकि, भारतीय यात्री वाहन कारोबार ने इस दौरान शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 6 लाख 41 हजार 586 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में राजस्व बढ़कर 58,465 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
भविष्य की योजनाएं
टाटा मोटर्स का मानना है कि भारतीय यात्री वाहन कारोबार भविष्य में वृद्धि का मुख्य आधार बनेगा। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2031 तक वार्षिक बिक्री को 12 लाख वाहनों से अधिक करना है, जिसमें विद्युत और सीएनजी वाहनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
निवेश और प्राथमिकताएं
कंपनी ने बताया कि वह वित्त वर्ष 2029 तक उत्पाद विकास, नई तकनीकों और विनिर्माण क्षमता विस्तार पर 37,500 करोड़ से 40,000 करोड़ रुपये तक निवेश करेगी। इसके बावजूद, 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का संचयी मुक्त नकदी प्रवाह उत्पन्न करने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों की राय
टाटा मोटर्स ने अगले पांच वर्षों के लिए पांच प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं, जिनमें तेज वृद्धि, पूंजी दक्षता, तकनीकी विकास, कारोबारी मजबूती और रणनीतिक साझेदारियां शामिल हैं। यदि कंपनी अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सफल होती है, तो वह वैश्विक वाहन उद्योग में एक मजबूत स्थिति बना सकती है।