टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी 15% पार करने की उम्मीद
टाटा मोटर्स की भविष्य की योजनाएँ
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स को घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी जल्द ही 15 प्रतिशत से अधिक करने की उम्मीद है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2030-31 तक 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का अपना लक्ष्य बनाए रखा है। प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शैलेश चंद्रा ने बताया कि यात्री वाहन कारोबार पिछले साल एक अक्टूबर से एकल इकाई के रूप में कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस एक साल में यात्री वाहन कारोबार में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सितंबर के अंत तक, कंपनी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना है। चंद्रा ने बताया कि कंपनी का उद्देश्य दोहरे अंकों में वृद्धि के साथ-साथ टिकाऊ और शून्य-उत्सर्जन वाले पावरट्रेन में अग्रणी बनना है।
इसके लिए, कंपनी नए वाहन खंड में प्रवेश करने, मौजूदा उत्पादों में तेजी से बदलाव करने और ग्राहकों के लिए नए विकल्प पेश करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में कंपनी ने कई नए मॉडल और पुराने मॉडल में बदलाव किए हैं। सितंबर में एक साल पूरा होने तक, कंपनी की बिक्री लगभग 7.5 लाख वाहनों तक पहुँचने की उम्मीद है।
चंद्रा के अनुसार, कंपनी पहले ही 15 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के करीब पहुँच चुकी है और यह स्तर जल्द ही हासिल किया जा सकता है। इसके बाद, अगले पांच वर्षों में कंपनी का लक्ष्य अतिरिक्त 5 प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त करना होगा। टाटा मोटर्स ने वित्त वर्ष 2030-31 तक सालाना 12 लाख वाहनों की बिक्री और 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य निर्धारित किया है।
चंद्रा ने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कंपनी को तेज और अधिक चुस्त तरीके से कार्य करना होगा। बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए, कंपनी तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पहला, ऐसे वाहन खंड में प्रवेश करना जहाँ वह वर्तमान में मौजूद नहीं है।
दूसरा, बदलती आय और ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुसार नए मूल्य वर्गों में उत्पाद पेश करना। तीसरा, इलेक्ट्रिक और सीएनजी जैसे तेजी से बढ़ते पावरट्रेन पर जोर देना। चंद्रा ने कहा कि इलेक्ट्रिक और सीएनजी दोनों क्षेत्रों में टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी उसके समग्र यात्री वाहन बाजार हिस्सेदारी से अधिक है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कंपनी भविष्य में बहु-उद्देश्यीय वाहन (एमपीवी) और कुछ नए 'लाइफस्टाइल' एसयूवी खंड में भी प्रवेश कर सकती है। टाटा मोटर्स ने अपने वाणिज्यिक और यात्री वाहन कारोबार को अलग करते हुए एक अक्टूबर, 2025 से दो स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध कंपनियों के रूप में पुनर्गठित किया था।