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डब्ल्यूटीओ का वैश्विक व्यापार वृद्धि पर नया अनुमान: 1.9 प्रतिशत

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें वैश्विक व्यापार वृद्धि दर को 1.9 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान लगाया गया है। यह गिरावट पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण हो सकती है। रिपोर्ट में खाद्य आपूर्ति और सेवाओं पर बढ़ते दबाव का भी उल्लेख किया गया है। डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक ने इस स्थिति के संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की है। भारत के निर्यात को बढ़ाने की कोशिशों के बीच यह पूर्वानुमान चिंताजनक है।
 

वैश्विक व्यापार वृद्धि में गिरावट का अनुमान

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने बुधवार को जानकारी दी कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण इस वर्ष वैश्विक व्यापार वृद्धि दर 1.9 प्रतिशत तक सीमित रहने की संभावना है।


डब्ल्यूटीओ के अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऊर्जा की कीमतें उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण व्यापार वृद्धि में और कमी आ सकती है।


खाद्य आपूर्ति और सेवाओं पर दबाव

यात्रा और परिवहन में आने वाली बाधाओं के चलते खाद्य आपूर्ति और सेवाओं के व्यापार पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।


डब्ल्यूटीओ की 'वैश्विक व्यापार परिदृश्य और सांख्यिकी' रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक वस्तु व्यापार की वृद्धि दर 2025 में 4.6 प्रतिशत से घटकर 2026 में 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एआई से संबंधित उत्पादों की मांग में वृद्धि और नए शुल्कों से बचने के लिए आयात में तेजी आई है, जिसके बाद व्यापार सामान्य होने की उम्मीद है।


यह पूर्वानुमान भारत के लिए सकारात्मक संकेत नहीं है, क्योंकि देश अपने निर्यात को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।


डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक का बयान

डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक नगोजी ओकोन्जो इवेला ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण इस पूर्वानुमान पर दबाव बना हुआ है।


उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा की कीमतों में निरंतर वृद्धि वैश्विक व्यापार के लिए जोखिम बढ़ा सकती है, जिसका संभावित प्रभाव खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है और उपभोक्ताओं तथा व्यवसायों पर लागत का दबाव बढ़ा सकता है।