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डिजिटल गोल्ड: छोटे निवेश से सोने में करें शुरुआत

डिजिटल गोल्ड एक नया निवेश विकल्प है, जो छोटे निवेश से शुरू किया जा सकता है। यूपीआई ऐप्स पर उपलब्ध, यह सोने में निवेश करने का एक सरल और सुरक्षित तरीका है। जानें कि कैसे आप केवल 10 रुपये से सोना खरीद सकते हैं और इसके फायदे क्या हैं। डिजिटल गोल्ड की बढ़ती लोकप्रियता और इसके बाजार में संभावनाओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।
 

डिजिटल गोल्ड का बढ़ता बाजार

यूपीआई ऐप्स जैसे फोनपे, पेटीएम और गूगल पे पर डिजिटल गोल्ड खरीदने का विकल्प उपलब्ध है, जहां आप केवल 10 या 20 रुपये से सोना खरीद सकते हैं। वर्तमान में, भारत में 8 करोड़ से अधिक लोग डिजिटल गोल्ड में निवेश कर चुके हैं, और यह बाजार हर साल 30 से 35 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 तक यह बाजार 9,841 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।


सोने की खरीदारी की प्रक्रिया

जब आप फोनपे या पेटीएम पर 10 रुपये का डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं, तो उस दिन के सोने के भाव के अनुसार उतने ग्राम सोना आपके नाम पर खरीदा जाता है। यह सोना एमएमटीसी-पैम्प, सेफगोल्ड या ऑग्मोंट जैसी कंपनियों के सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है। इसका मतलब है कि आपका सोना असली है, लेकिन यह आपके पास नहीं, बल्कि एक सुरक्षित वॉल्ट में है।


डिजिटल गोल्ड की सुरक्षा

हालांकि डिजिटल गोल्ड पूरी तरह से असुरक्षित नहीं है, लेकिन इसे एफडी या म्यूचुअल फंड जितना रेगुलेटेड नहीं माना जाता। नवंबर 2025 में, सेबी ने स्पष्ट किया कि डिजिटल गोल्ड उनकी निगरानी से बाहर है और यह कोई रेगुलेटेड वित्तीय उत्पाद नहीं है, हालांकि यह गैरकानूनी भी नहीं है। वॉल्ट में रखा सोना थर्ड-पार्टी ऑडिटेड और इंश्योर्ड होता है, और आपकी ओनरशिप आपके अकाउंट में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।


छोटी रकम से शुरुआत

डिजिटल गोल्ड का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप केवल 10 रुपये से भी शुरुआत कर सकते हैं। फिजिकल सोना खरीदने के लिए कम से कम 1 ग्राम की आवश्यकता होती है, जो आज के भाव पर 7,000 रुपये से अधिक होता है। डिजिटल गोल्ड में कोई न्यूनतम सीमा नहीं है। उदाहरण के लिए, 100 रुपये लगाने पर 3 रुपये जीएसटी कटने के बाद आपको लगभग 0.0066 ग्राम सोना मिलेगा।


सोने की कीमत और मेकिंग चार्ज

जब आप दुकान से सोने के गहने खरीदते हैं, तो आपको मेकिंग चार्ज अलग से देना पड़ता है, जो 8 से 25 प्रतिशत तक हो सकता है। डिजिटल गोल्ड में केवल सोने की कीमत चुकानी होती है, कोई मेकिंग चार्ज नहीं लगता। इसके अलावा, डिजिटल गोल्ड की कीमत रियल-टाइम मार्केट प्राइस से जुड़ी होती है, जिससे जैसे-जैसे सोने का भाव बढ़ता है, आपकी गोल्ड वैल्यू भी बढ़ती है।


सेफगोल्ड का प्रदर्शन

सेफगोल्ड के अनुसार, उनके पास वर्तमान में 5.5 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं और कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 6,500 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। इनके साझेदारों में फोनपे, एक्सिस बैंक, अमेजन और टैनिश्क जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।


बिक्री के समय मूल्य

जब आप डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं, तो आप बाइंग प्राइस पर खरीदते हैं, लेकिन बेचते समय आपको सेलिंग प्राइस मिलती है, जो थोड़ी कम होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपने 3 महीने पहले 1,000 रुपये का डिजिटल गोल्ड खरीदा था, तो उस समय सोने का भाव 12,000 रुपये प्रति ग्राम था। अब, यदि सोने का भाव बढ़कर 14,669 रुपये प्रति ग्राम हो गया है, तो आपके 0.0808 ग्राम की बाजार में वैल्यू अब 1,185 रुपये हो गई है।


लंबी अवधि में लाभ

जो लोग लंबे समय तक होल्ड करते हैं, उन्हें सोने के भाव बढ़ने पर अच्छा लाभ मिलता है। 2024 में सोने ने हर एसेट क्लास को पीछे छोड़ते हुए 21 प्रतिशत से अधिक रिटर्न दिया। डिजिटल गोल्ड उन लोगों के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है जो थोड़े-थोड़े पैसे में सोने में निवेश करना चाहते हैं और लंबे समय तक होल्ड करने की सोच रखते हैं।