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तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक का लाभ 35% बढ़ा, नई योजनाओं की घोषणा

तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 35% लाभ वृद्धि की घोषणा की है, जो 412 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। बैंक ने अपनी आय में सुधार के साथ-साथ नई योजनाओं की भी जानकारी दी है, जिसमें प्रवासी भारतीयों से जमा जुटाने के लिए विदेश में कार्यालय खोलने की योजना शामिल है। इसके अलावा, बैंक ने अपनी परिसंपत्ति की गुणवत्ता में सुधार की भी बात की है। जानें बैंक के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी।
 

बैंक का वित्तीय प्रदर्शन

नई दिल्ली, 27 जुलाई: निजी क्षेत्र का तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक (टीएमबी) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 35 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 412 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह वृद्धि बैंक की मुख्य आय में सुधार के कारण हुई है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में बैंक ने 305 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।


टीएमबी ने सोमवार को शेयर बाजार को सूचित किया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में उसकी कुल आय 1,901 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो कि वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में 1,617 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की ब्याज आय 1,662 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 1,386 करोड़ रुपये थी। पहली तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 32 प्रतिशत बढ़कर 765 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 580 करोड़ रुपये थी।


भविष्य की योजनाएँ

तिमाही परिणामों के बाद मीडिया से बातचीत में, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) सली सुकुमारन नायर ने बताया कि बैंक प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) से जमा जुटाने के लिए विदेश में एक प्रतिनिधि कार्यालय खोलने की योजना बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अवसंरचना और मोबाइल ऐप जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 280 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसके साथ ही, बैंक तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात में अपनी उपस्थिति को बढ़ाने की योजना बना रहा है।


बैंक की परिसंपत्ति की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। जून तिमाही के अंत में उसका सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात घटकर कुल अग्रिम का 0.69 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 1.22 प्रतिशत था। इसी तरह, शुद्ध एनपीए यानी फंसे हुए कर्ज का अनुपात 0.17 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष 0.33 प्रतिशत था।