तमिलनाडु सरकार ने राजस्व वृद्धि के लिए नई समिति का गठन किया
राजस्व वृद्धि समिति का गठन
चेन्नई, 28 जुलाई: तमिलनाडु सरकार ने राज्य के कर और गैर-कर राजस्व में सुधार के लिए एक नई समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया करेंगे, जो पहले योजना आयोग में कार्यरत थे। सरकार का उद्देश्य कर चोरी को रोकना, अनुपालन में सुधार लाना, और नए राजस्व स्रोतों की पहचान करना है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व में यह कदम उठाया गया है, जो भ्रष्टाचार और कर चोरी के खिलाफ सख्त हैं।
समिति में कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं, जिनमें नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च के चेयर प्रोफेसर के पी कृष्णन, कर नीति विशेषज्ञ अरबिंद मोदी, सीबीईसी के पूर्व चेयरमैन नजीब शाह, तमिलनाडु वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम ए सिद्दीकी, और मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज, चेन्नई के निदेशक एम सुरेश बाबू शामिल हैं। सरकारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि अर्थव्यवस्था के विकास के साथ राजस्व में वृद्धि और संसाधनों के आधार को बढ़ाने की आवश्यकता है।