त्योहारी सीजन में प्रदर्शनों का व्यापार पर असर
प्रदर्शनों से प्रभावित हो रहा व्यापार
दिल्ली के कनॉट प्लेस और उसके आस-पास हो रहे लगातार प्रदर्शनों के कारण त्योहारी सीजन में व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों ने ग्राहकों की संख्या में कमी और बिक्री में गिरावट की शिकायत करते हुए अधिकारियों से अनुरोध किया है कि व्यावसायिक गतिविधियों को बाधित न होने दिया जाए। भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (एनआरएआई) के कोषाध्यक्ष मनप्रीत सिंह ने बताया कि बार-बार हो रहे प्रदर्शनों का व्यापार पर गंभीर असर पड़ा है।
खरीदारी में कमी का सामना
कुछ दिनों तक यहां की दुकानों में बिक्री बिल्कुल ठप रही। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की घोषणा होते ही लोग कनॉट प्लेस जैसे खरीदारी और खानपान के केंद्रों पर आने से कतराने लगते हैं, भले ही उस क्षेत्र में आवाजाही पर कोई रोक न हो। त्योहारों के समय यह प्रभाव और भी बढ़ जाता है, क्योंकि परिवार आमतौर पर खरीदारी और मनोरंजन के लिए यहां आते हैं।
राजनीतिक दलों से अपील
सिंह ने राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे व्यावसायिक क्षेत्रों के बजाय अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पुलिस द्वारा निर्धारित स्थानों का उपयोग किया जा सकता है। यह मुद्दा तब उठ रहा है जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'तिरंगा मार्च' आयोजित करने का आह्वान किया है।
पिछले प्रदर्शनों का असर
इससे पहले भी जंतर मंतर और उसके आस-पास के प्रदर्शनों ने कारोबारी गतिविधियों को प्रभावित किया है। 'फेडरेशन लाजपत नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन' (एलएनटीए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है और त्योहारों के दौरान प्रदर्शनों पर रोक लगाने की अपील की है।
त्योहारी बिक्री पर निर्भरता
अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर व्यापार के लिए महत्वपूर्ण महीने होते हैं, क्योंकि व्यापारी अपने वार्षिक खर्चों को पूरा करने के लिए त्योहारों की बिक्री पर निर्भर रहते हैं। 'ऑटोमोटिव पार्ट्स मर्चेंट्स एसोसिएशन' ने भी बार-बार होने वाले प्रदर्शनों के कारण यातायात जाम और कार्य में रुकावट का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री से समाधान की मांग की है।
व्यापारियों की चिंताएं
सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि दिवाली और अन्य त्योहारों से पहले बढ़ती कीमतें और यातायात संबंधी बाधाएं व्यापारियों की चिंताओं को बढ़ा रही हैं। व्यापारी त्योहारों में मांग बढ़ने की उम्मीद में अतिरिक्त माल खरीदते हैं, लेकिन बिक्री में कमी के कारण उन पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की आवाजाही में कमी के बावजूद दुकान का किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन और परिवहन जैसे खर्च जारी रहते हैं।