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दिल्ली-एनसीआर कार्यालय बाजार में कमी, लेकिन भविष्य की संभावनाएं उज्ज्वल

दिल्ली-एनसीआर का कार्यालय बाजार जनवरी-मार्च तिमाही में सुस्त रहा, जहां शुद्ध पट्टा गतिविधियां 60 प्रतिशत घटकर 15 लाख वर्ग फुट रह गईं। हालांकि, जेएलएल इंडिया का मानना है कि बाजार की बुनियादी स्थिति मजबूत है और आने वाले समय में पट्टा गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या कहा गया है।
 

दिल्ली-एनसीआर कार्यालय बाजार की स्थिति

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का कार्यालय बाजार जनवरी से मार्च की तिमाही में अपेक्षाकृत सुस्त रहा। नए आपूर्ति की कमी के चलते शुद्ध पट्टा गतिविधियां 60 प्रतिशत घटकर 15 लाख वर्ग फुट तक सीमित रह गईं, जैसा कि एक रिपोर्ट में बताया गया है।


रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में दिल्ली-एनसीआर में कार्यालय स्थानों का सकल पट्टा 28 प्रतिशत घटकर 30 लाख वर्ग फुट रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 42 लाख वर्ग फुट था।


शुद्ध पट्टा भी 60 प्रतिशत की कमी के साथ 15 लाख वर्ग फुट पर आ गया, जो कि एक साल पहले 37 लाख वर्ग फुट था। सकल पट्टे में सभी पट्टा लेनदेन शामिल होते हैं, जिसमें पूर्व-प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं, लेकिन पुरानी लीज का नवीनीकरण इसमें नहीं आता।


रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनवरी-मार्च के दौरान कार्यालय स्थल की नई आपूर्ति पिछले साल के 29 लाख वर्ग फुट की तुलना में घटकर 13.9 लाख वर्ग फुट रह गई। हालांकि, कंपनी का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर के कार्यालय बाजार की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है और आने वाली तिमाहियों में पट्टा गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।


जेएलएल इंडिया के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक राहुल अरोड़ा ने कहा कि बाजार की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और अखिल भारतीय स्तर पर रिक्ति दर गिरकर पांच साल के निचले स्तर 14.7 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि विदेशी कंपनियों द्वारा वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करने की मांग से बाजार को सहारा मिल रहा है।