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दिल्ली पुलिस ने ई-सिम धोखाधड़ी गिरोह का किया पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक ई-सिम धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर 124 शिकायतों में संलिप्त होने का आरोप है, जिसमें एक पीड़ित से 40 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने 44 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जानें कैसे आरोपियों ने अपने शिकार को झांसे में लिया और उनकी पहचान को छिपाने के लिए क्या उपाय किए।
 

ई-सिम धोखाधड़ी का खुलासा

दिल्ली पुलिस ने ई-सिम के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पश्चिम बंगाल से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 44 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी बृहस्पतिवार को साझा की। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान झारखंड के जामताड़ा निवासी अंकित दास और उसके चचेरे भाई सुबल दास के रूप में हुई है।


इन दोनों पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 124 शिकायतों में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने कहा कि यह मामला तब सामने आया जब एक दिल्ली निवासी ने शिकायत की कि उसे अपने सिम कार्ड को ई-सिम में बदलने का झांसा दिया गया और उसके खाते से 40 लाख रुपये निकाल लिए गए। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने खुद को दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के कर्मचारी बताकर पीड़ितों से संपर्क किया।


एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पीड़ित का मोबाइल नंबर आरोपियों द्वारा नियंत्रित उपकरण पर सक्रिय हो गया, तो उन्होंने ओटीपी और बैंक से संबंधित संदेशों तक पहुंच प्राप्त कर ली और कई खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। अंकित ने मुख्य तकनीकी ऑपरेटर के रूप में काम किया, जबकि सुबल ने धोखाधड़ी के दौरान फोन करने और पीड़ितों को झांसे में लाने में मदद की। आरोपी प्रतिदिन लगभग 200 लोगों से संपर्क करते थे।


अधिकारी ने कहा कि उन्होंने वीडियो कॉल के दौरान अपनी पहचान को वास्तविक दिखाने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाता के ब्रांडेड कपड़े भी पहने। पुलिस ने बताया कि उनके पास से एक दूरसंचार सेवा प्रदाता की ब्रांडेड टी-शर्ट और कैप के साथ-साथ कई सामान्य सिम और ई-सिम लगे 44 मोबाइल फोन बरामद किए गए। उल्लेखनीय है कि अंकित पर पहले भी 2021 में फरीदाबाद में एक साइबर अपराध का मामला दर्ज किया गया था।


पैसे के लेन-देन की जांच अभी जारी है।