दिल्ली में Zomato के खिलाफ उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: दो ऑर्डर पर चुकाने होंगे हजारों रुपये
दिल्ली में विवादित ऑर्डर का मामला
नई दिल्ली: ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना जन्मदिन जैसे खास अवसरों पर आम बात है, लेकिन दिल्ली में एक छोटे से विवाद ने इतना बड़ा मोड़ ले लिया कि मामला कंज्यूमर कमीशन तक पहुंच गया। इस मामले में Zomato को न केवल ऑर्डर की राशि चुकानी होगी, बल्कि ब्याज, मुआवजा और कानूनी खर्च भी देना होगा।
ऑर्डर की स्थिति और रद्दीकरण
यह मामला अगस्त 2024 का है, जब मनोज कुमार ने अपनी भांजी के जन्मदिन के लिए Zomato से एक ही पते पर पांच अलग-अलग फूड ऑर्डर किए। इनमें से तीन ऑर्डर समय पर पहुंच गए, लेकिन दो ऑर्डर ग्राहक तक नहीं पहुंचे। इन दोनों ऑर्डर की कुल कीमत ₹250.61 थी। Zomato ने इन ऑर्डरों को रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि डिलीवरी पार्टनर ने ग्राहक के नंबर पर कई बार कॉल की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
रिफंड न मिलने की शिकायत
मनोज कुमार ने बताया कि ऑर्डर रद्द होने के बाद उन्हें पैसे वापस नहीं मिले। कंपनी ने रिफंड देने के बजाय कैंसिलेशन चार्ज का हवाला दिया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली कंज्यूमर कमीशन का रुख किया। सुनवाई में उन्होंने यह सवाल उठाया कि यदि मोबाइल नंबर पहुंच से बाहर था, तो बाकी तीन ऑर्डर कैसे सफलतापूर्वक पहुंच गए?
Zomato की अनुपस्थिति
सुनवाई के दौरान Zomato की स्थिति कमजोर होती गई। कमीशन ने बताया कि कंपनी ने नोटिस मिलने के बावजूद सुनवाई में भाग नहीं लिया और समय पर अपना लिखित जवाब भी नहीं दिया। इसके परिणामस्वरूप, 10 जून 2025 को कंपनी के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई। मनोज कुमार ने अपने दावे के समर्थन में कई दस्तावेज पेश किए, जिनका कंपनी ने विरोध नहीं किया।
कमीशन का निर्णय
कंज्यूमर कमीशन ने Zomato की सेवा में कमी और अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस पाई। आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी को ₹250.61 की मूल राशि वापस करनी होगी, साथ ही इस राशि पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। मानसिक तनाव और उत्पीड़न के लिए ₹5,000 मुआवजा और मुकदमे के खर्च के रूप में ₹3,000 अलग से देने होंगे। इस प्रकार, मामूली रकम के दो ऑर्डर का विवाद अब कंपनी पर हजारों रुपये की देनदारी बन गया है।
ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
कमीशन ने Zomato को आदेश दिया है कि वह 45 दिनों के भीतर भुगतान करे, जिसमें रिफंड, ब्याज, मुआवजा और कानूनी खर्च शामिल हैं। यह मामला फूड डिलीवरी ऐप का उपयोग करने वाले ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है। यदि ऑर्डर कैंसिल होता है या रिफंड को लेकर विवाद होता है, तो सभी जरूरी रिकॉर्ड जैसे ऑर्डर समरी, कस्टमर सपोर्ट चैट और रिफंड मैसेज को संभालकर रखना चाहिए।