दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी: जानें क्या है कारण?
सीएनजी की कीमतों में वृद्धि
नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार में चल रही उथल-पुथल और पश्चिम एशिया में तनाव का असर अब दिल्ली-एनसीआर के निवासियों की जेब पर साफ नजर आने लगा है। मंगलवार सुबह से सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है।
तीसरी बार बढ़ी कीमतें
9 दिनों में तीसरी वृद्धि
यह लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पिछले 11 दिनों में चौथी और पिछले 9 दिनों में तीसरी बार कीमतों में वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है।
सीएनजी की नई दरें
11 दिनों में 7 रुपये महंगा हुआ सीएनजी
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा हाल ही में की गई समीक्षा के अनुसार, दिल्ली में सीएनजी की नई कीमत अब 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जो पहले 81.09 रुपये थी। यह वृद्धि 15 मई से शुरू हुई थी, जब पहली बार 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद पिछले शुक्रवार और रविवार को भी 1-1 रुपये की वृद्धि की गई थी।
एलपीजी की कीमतें स्थिर
एलपीजी सिलेंडर में कोई बदलाव नहीं
15 मई से अब तक, दिल्ली में सीएनजी के दाम कुल 7 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं। राहत की बात यह है कि घरों में सप्लाई होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि
पेट्रोल-डीजल के दामों में भी बढ़ोतरी
पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। हाल ही में देशभर में ईंधन की कीमतों में इस महीने की तीसरी बार वृद्धि हुई, जिसमें पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
क्रूड ऑयल की कीमतों का प्रभाव
क्रूड ऑयल का असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो फरवरी के अंत में केवल 72 डॉलर प्रति बैरल थीं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है, जिससे वैश्विक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
आम जनता पर प्रभाव
आम जनता पर दोहरी मार
लगातार बढ़ते ईंधन के दामों से माल ढुलाई और परिवहन लागत में भारी बढ़ोतरी की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा असर आने वाले दिनों में फल, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दिया है और अफवाहों से बचने की सलाह दी है।