दिल्ली सरकार ने औद्योगिक नीति-2026 को दी मंजूरी, रोजगार और निवेश को बढ़ावा
दिल्ली औद्योगिक नीति-2026 का उद्देश्य
दिल्ली सरकार ने स्वच्छ और आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक नीति-2026 को मंजूरी दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राजधानी में निवेश को आकर्षित करना और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।
नीति का मुख्य फोकस
यह नीति एक दशक की योजना है, जो उच्च-स्तरीय और गैर-प्रदूषणकारी क्षेत्रों पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत, मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना के लिए 2026-27 से 2030-31 तक 1,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, अनुसंधान एवं विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, और कौशल विकास जैसे 10 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
प्रोत्साहन और सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में पूंजीगत निवेश, कार्यालय के किराए, नई नियुक्तियों, और तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। आईटी क्षेत्र में डिजिटल बुनियादी ढांचे पर 25 प्रतिशत प्रोत्साहन दिया जाएगा, जो अधिकतम 10 करोड़ रुपये होगा। महिला उद्यमियों के लिए यह सीमा 12 करोड़ रुपये तक होगी।
स्वास्थ्य सेवा और शहरी लॉजिस्टिक
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पूंजीगत निवेश पर 25 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि 1,000 बिस्तरों वाले अस्पतालों के लिए 100 करोड़ रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। शहरी लॉजिस्टिक के तहत गोदाम और शीत भंडारण सुविधाओं को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान
नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। महिलाओं को नियुक्त करने वाले नियोक्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। कौशल विकास कार्यक्रमों में महिलाओं और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
निवेशकों के लिए सहायता
सरकार ने 'इन्वेस्ट दिल्ली' नामक एक एजेंसी विकसित करने का निर्णय लिया है, जो निवेशकों को सहायता प्रदान करेगी। यह एजेंसी मंजूरियों की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए काम करेगी।
दिल्ली का औद्योगिक भविष्य
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य दिल्ली को एक स्वच्छ, आधुनिक और ज्ञान आधारित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।