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दिल्ली सरकार ने छोटे उद्यमों के लिए 4,800 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया

दिल्ली सरकार ने छोटे और लघु उद्यमों के लिए 4,800 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत 10,500 लाभार्थियों को बिना गारंटी के ऋण दिया जाएगा। एमएसएमई को वित्त, प्रशिक्षण और तकनीक में सहायता प्रदान करने के लिए सरकार के प्रयासों की जानकारी भी दी गई। जानें कैसे यह योजना दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच प्रदान करेगी।
 

दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना का लाभ

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना (डीकेजीएस) के अंतर्गत सरकार ने 10,500 योग्य छोटे लाभार्थियों को लगभग 4,800 करोड़ रुपये के ऋण की सुविधा प्रदान की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत छोटे और लघु उद्यमों को बिना किसी गारंटी के 10 करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाता है, जिसमें सरकार 95 प्रतिशत तक की क्रेडिट गारंटी प्रदान करती है। गुप्ता ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में एक फरवरी 2026 के बाद 10,505 गारंटियों के माध्यम से 4,806 करोड़ रुपये की गारंटी स्वीकृत की गई है।


एमएसएमई का महत्व

गुप्ता ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को दिल्ली की अर्थव्यवस्था की नींव बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य एमएसएमई को वित्त, प्रशिक्षण, तकनीक और बाजार के चार स्तंभों पर मजबूत समर्थन प्रदान करना है। उन्होंने कहा, "दिल्ली के छोटे और मध्यम उद्यम हमारी अर्थव्यवस्था का आधार हैं। सरकार का प्रयास है कि दिल्ली का एमएसएमई केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे, बल्कि इसके उत्पाद दिल्ली से देश और फिर दुनिया तक पहुंचें।"


भविष्य के लिए तैयार व्यवसाय

मुख्यमंत्री ने ‘रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस’ योजना के तहत आयोजित ‘मेगा कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ में कहा कि आज का प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम ‘4-पी रिफॉर्म’ (पॉलिसी, प्रोसेस, परफॉर्मेंस और पार्टनरशिप) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था को नई गति देने और एमएसएमई को आधुनिक कौशल, तकनीक, वित्त और नए बाजारों से जोड़ने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।


स्टार्टअप और यूनिकॉर्न का विकास

गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में 2.48 लाख से अधिक स्टार्टअप और 125 यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) कार्यरत हैं। सरकार ने उद्यमियों और युवा स्टार्टअप संस्थापकों के साथ मिलकर दिल्ली को स्टार्टअप और यूनिकॉर्न के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आरएएमपी योजना के तहत दिल्ली के लिए 49.74 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।


डिजिटल युग की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल युग में डिजिटल होना व्यवसायों के विकास और प्रतिस्पर्धा के लिए अनिवार्य है। उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह ने कहा कि सरकार महिला उद्यमियों के लिए विशेष सहायता को बढ़ावा दे रही है और तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम बेहतर बुनियादी ढांचे, आसान वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और टिकाऊ औद्योगिक विकास के माध्यम से दिल्ली में औद्योगिक वृद्धि के लिए एक संपूर्ण तंत्र तैयार कर रहे हैं।"