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दीवाली पर सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट: निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर

इस दीवाली, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रस्तुत किया है। MCX पर सोने की कीमत 2.52% और चांदी की कीमत लगभग 5% गिरी है। पिछले 10 महीनों में सोने की कीमतें 50,000 रुपए कम हो गई हैं। जानें कि इस गिरावट के पीछे क्या कारण हैं और निवेशकों को क्या करना चाहिए। क्या यह सही समय है निवेश करने का? पूरी जानकारी के लिए पढ़ें।
 

सोने-चांदी में गिरावट का बड़ा मौका


इस दीवाली, सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर आया है। शुक्रवार को इन धातुओं की कीमतों में काफी गिरावट देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार, MCX पर सोने की कीमत 2.52% यानी 3,592 रुपए घटकर 139,004 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, चांदी की कीमत लगभग 5% यानी 9,353 रुपए की कमी के साथ 1,80,100 रुपए पर ट्रेड कर रही है। यह गिरावट धनतेरस पर धातु खरीदने वालों के लिए एक बड़ा अवसर बन सकती है, क्योंकि भारत में दीवाली और धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी का विशेष महत्व है।


सोने की कीमतों में 50,000 रुपए की कमी

पिछले 10 महीनों में सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से लगभग 50,000 रुपए प्रति 10 ग्राम कम हो गई हैं। लगातार गिरती कीमतों के कारण निवेशक यह सोचने पर मजबूर हैं कि क्या यह सोने में निवेश का सही समय है या फिर और गिरावट आ सकती है।


गिरावट के कारण

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिका में बॉंड यील्ड्स का उच्चतम स्तर पर पहुंचना और फेड द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि है।


बॉंड यील्ड में वृद्धि के कारण निवेशक सरकारी या कॉरपोरेट बॉंड में अधिक रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे वे सोने-चांदी में निवेश करने के बजाय वहां पैसा लगाना पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा, बढ़ती ब्याज दरें एफडी और अन्य बैंक योजनाओं पर अधिक सुरक्षित रिटर्न प्रदान कर रही हैं। मिडिल ईस्ट संकट और तेल की बढ़ती कीमतें भी सोने-चांदी पर दबाव डाल रही हैं।


निवेशकों के लिए सलाह

वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए सोने-चांदी की कीमतों में और गिरावट संभव है। ऐसे में निवेशकों को एक साथ सारा पैसा निवेश करने से बचना चाहिए और हर गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करनी चाहिए।