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दुबई के एमिरेट्स एनबीडी बैंक का आरबीएल बैंक में 74% हिस्सेदारी अधिग्रहण

वित्त मंत्रालय ने दुबई के एमिरेट्स एनबीडी बैंक को आरबीएल बैंक में 74% हिस्सेदारी के अधिग्रहण की अनुमति दी है, जिससे 26,850 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विदेशी निवेश को बढ़ावा देगा। जानें इस अधिग्रहण के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

आरबीएल बैंक में विदेशी निवेश की मंजूरी

वित्त मंत्रालय ने दुबई स्थित एमिरेट्स एनबीडी बैंक को आरबीएल बैंक में 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दे दी है। इस निर्णय से भारत में लगभग 26,850 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है।


आरबीएल बैंक ने शुक्रवार को शेयर बाजार को सूचित किया कि वित्तीय सेवा विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में इस अधिग्रहण को स्वीकृति दी गई है। यह मंजूरी कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 49 प्रतिशत से अधिक और 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी लेने के लिए दी गई है।


अधिग्रहण सौदे का महत्व

इस अधिग्रहण सौदे की घोषणा 18 अक्टूबर, 2025 को की गई थी और इसे भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेशों में से एक माना जा रहा है। आरबीएल बैंक ने एक बयान में कहा कि प्राथमिक पूंजी निवेश के रूप में लगभग तीन अरब डॉलर (लगभग 26,850 करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा, जिससे बैंक को विकास के अगले चरण में मजबूती मिलेगी।


इस प्रस्तावित निवेश के तहत, एमिरेट्स एनबीडी बैंक 280 रुपये प्रति शेयर की दर पर 959,045,636 इक्विटी शेयरों का अधिग्रहण करेगा।


नियामकीय मंजूरी और भविष्य की योजनाएँ

इस सौदे के बाद, आरबीएल बैंक में इस विदेशी बैंक की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से 74 प्रतिशत के बीच रह सकती है, जो नियामकीय शर्तों पर निर्भर करेगी। लेनदेन के बाद, बैंक में विदेशी बैंक की अनुषंगी इकाई वाला मॉडल लागू होगा और एमिरेट्स एनबीडी बैंक को प्रवर्तक के रूप में मान्यता प्राप्त होगी। इससे पहले, भारतीय रिजर्व बैंक और प्रतिस्पर्धा आयोग भी इस अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी दे चुके हैं।