निर्यातकों के लिए नई रिलीफ योजना: समिति का गठन
निर्यातकों को राहत देने के लिए समिति का गठन
वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यातकों के लिए शुरू की गई रिलीफ योजना के तहत मंजूर धनराशि के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने और अधिक निर्यातकों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए एक छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। सरकार ने 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के अंतर्गत ‘रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन’ (रिलीफ) योजना की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य खाड़ी और पश्चिम एशिया के समुद्री व्यापार मार्गों में आने वाली बाधाओं, माल ढुलाई की बढ़ती लागत, और बीमा प्रीमियम में वृद्धि से निर्यातकों को राहत प्रदान करना है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक व्यापारिक अधिसूचना में बताया कि रिलीफ योजना के तहत धनराशि के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने और अधिक निर्यातकों को इसका लाभ दिलाने के लिए समिति का गठन किया गया है। इस समिति में डीजीएफटी के तीन अधिकारी और वाणिज्य विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, तथा भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) का एक-एक प्रतिनिधि शामिल है। अधिसूचना के अनुसार, यह समिति रिलीफ योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करेगी।
समिति में ईसीजीसी द्वारा निपटाए गए दावों और उपलब्ध शेष धनराशि की जानकारी भी शामिल होगी। इसके अतिरिक्त, समिति योजना का लाभ उठाने में आने वाली बाधाओं और मंजूर धनराशि के उपयोग की स्थिति की समीक्षा करेगी। वह धनराशि के बेहतर उपयोग और अधिक निर्यातकों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए सुझाव भी देगी।