नेस्ले इंडिया के डेयरी व्हाइटनर पर एफएसएसएआई का विवाद: सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
नेस्ले इंडिया के उत्पाद पर विवाद
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित द ललित होटल से लिए गए नेस्ले इंडिया के डेयरी व्हाइटनर के नमूने को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शनिवार को बताया कि खाद्य विश्लेषक की प्रयोगशाला रिपोर्ट में इस नमूने को असुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया है। हालांकि, नेस्ले इंडिया ने इस निष्कर्ष से असहमति जताते हुए अपने उत्पाद को पूरी तरह सुरक्षित बताया है.
एफएसएसएआई की रिपोर्ट और कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, यह नमूना भारत होटल्स लिमिटेड, द ललित के परिसर से लिया गया था। एफएसएसएआई ने कहा कि खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट में उत्पाद को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया है। नियामक ने संबंधित खाद्य कारोबारी को रिपोर्ट की एक प्रति उपलब्ध कराई है और उत्पाद के संबंध में नोटिस भी जारी किया है.
नेस्ले इंडिया का स्पष्टीकरण
नेस्ले इंडिया ने अपने उत्पाद को सुरक्षित बताते हुए कहा है कि दूध में फास्फोरस स्वाभाविक रूप से पाया जाता है, और इसी कारण दूध से बने उत्पादों में भी इसकी मात्रा होती है। कंपनी का कहना है कि एफएसएसएआई की रिपोर्ट में दूध से मिलने वाले प्राकृतिक फास्फोरस को अलग किए बिना कुल फास्फोरस की मात्रा की तुलना की गई है.
द ललित होटल की स्थिति
द ललित ने भी इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। होटल का कहना है कि यह उत्पाद नेस्ले इंडिया से खरीदा गया पैक किया हुआ सामान था और एफएसएसएआई की टीम ने लगभग तीन महीने पहले होटल से इसका नमूना लिया था. होटल ने तुरंत नेस्ले इंडिया से संपर्क किया और उत्पाद का उपयोग बंद कर दिया.
आगे की कानूनी प्रक्रिया
इस मामले में लैब रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। एफएसएसएआई द्वारा सार्वजनिक तौर पर जांच में पाई गई कमी बताए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद का मुख्य आधार क्या है.