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नेस्ले का भारत में मजबूत विकास का भरोसा, दोहरे अंक की वृद्धि की उम्मीद

नेस्ले के सीईओ फिलिप नावराटिल ने भारत को कंपनी के लिए विकास का मुख्य स्रोत बताया है। उन्होंने कहा कि हाल के कर सुधारों से मिलने वाला लाभ तीसरी तिमाही से कम हो सकता है, लेकिन फिर भी भारतीय बाजार में दोहरे अंक की वृद्धि की उम्मीद है। नावराटिल ने भारत के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय बेहतर उत्पाद उपलब्धता और वितरण नेटवर्क को दिया। कंपनी ने 2026 की दूसरी तिमाही में एशिया, ओशिनिया और अफ्रीका क्षेत्र में वृद्धि की जानकारी दी है।
 

नेस्ले के सीईओ का भारत पर भरोसा

नई दिल्ली, 24 जुलाई - स्विट्जरलैंड की प्रमुख खाद्य और पेय कंपनी नेस्ले एसए के सीईओ फिलिप नावराटिल ने बताया कि भारत कंपनी के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना रहेगा। हालांकि, कर ढांचे में बदलाव के कारण तीसरी तिमाही से मिलने वाले लाभ में कमी आ सकती है, फिर भी भारतीय बाजार में दोहरे अंक की वृद्धि की उम्मीद बनी हुई है। नावराटिल ने भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत, का प्रदर्शन ‘‘बेहद मजबूत’’ रहा है।


उन्होंने इस सफलता का श्रेय उत्पादों की उपलब्धता, वितरण नेटवर्क और ब्रांड समर्थन के बेहतर कार्यान्वयन को दिया। भारत, नेस्ले एसए के एशिया, ओशिनिया और अफ्रीका (एओए) क्षेत्र का हिस्सा है। कंपनी ने 2026 की दूसरी तिमाही में इस क्षेत्र के प्रदर्शन की जानकारी साझा की।


एक प्रश्न के उत्तर में नावराटिल ने कहा, “भारत निश्चित रूप से हमारे लिए विकास का प्रमुख इंजन है।” उन्होंने भारत के बाजार के दृष्टिकोण पर चर्चा करते हुए कहा कि हाल के कर सुधारों से मिलने वाला अतिरिक्त लाभ तीसरी तिमाही से समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, “बिक्री कर में बदलाव से हमें कुछ अतिरिक्त लाभ मिला था, लेकिन तीसरी तिमाही से उसका प्रभाव समाप्त हो जाएगा।”


वह यहां माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में हुए परिवर्तनों का उल्लेख कर रहे थे, जिसके तहत सरकार ने खाद्य उत्पादों को कम कर दर की श्रेणी में रखा था। इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि वृद्धि की गति मजबूत बनी रहेगी।


नावराटिल ने कहा, “हमें अब भी भारत से दोहरे अंक की वृद्धि की उम्मीद है।” कंपनी ने अपनी आय संबंधी रिपोर्ट में बताया कि एओए क्षेत्र में 2026 की दूसरी (अप्रैल-जून) तिमाही में सभी प्रमुख उत्पाद श्रेणियों और अधिकांश बाजारों में व्यापक आधार पर वृद्धि देखी गई। इस क्षेत्र की जैविक वृद्धि 6.5 प्रतिशत रही।