नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन: आर्थिक विकास की नई दिशा
नोएडा में एयरपोर्ट का उद्घाटन
नोएडा: जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 15 जून 2026 से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया है। पहली निर्धारित उड़ान इंडिगो की लखनऊ से आई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नया अध्याय आरंभ हुआ। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो न केवल बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के आर्थिक और रियल एस्टेट विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आर्थिक गतिविधियों से रियल एस्टेट में तेजी
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन से क्षेत्र में नए आर्थिक अवसरों का सृजन होगा। पिछले कुछ वर्षों में इस परियोजना ने निवेशकों और घर खरीदने वालों का ध्यान आकर्षित किया है, और अब वास्तविक विकास की उम्मीद की जा रही है। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी और कमर्शियल सेक्टर में बड़े निवेश की संभावना है, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास आवासीय परियोजनाओं की मांग में वृद्धि होगी।
नए व्यापारिक अवसरों का उदय
विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के कारण नोएडा वैश्विक कंपनियों के लिए और अधिक आकर्षक बन सकता है। एयरपोर्ट के संचालन से कॉर्पोरेट निवेश में वृद्धि की संभावना है, जिससे कार्यालय स्पेस की मांग में तेजी आ सकती है। अनुमान है कि 2026 के बाद नोएडा में हर साल 20 से 30 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस की लीजिंग हो सकती है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में होटल, रिटेल और अन्य सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी।
प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन से बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा। खासकर नोएडा एक्सप्रेसवे और जेवर के आसपास के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग और बिक्री में वृद्धि की उम्मीद है। अगले चार से पांच वर्षों में संपत्तियों के औसत मूल्य में 15 से 20 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हो सकती है। यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को बदलने वाली परियोजना मानी जा रही है, जिसमें लगभग 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।