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पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड: किसे पहले चुकाना है समझदारी?

आज के समय में पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का उपयोग आम हो गया है, लेकिन जब दोनों का बोझ एक साथ होता है, तो सही चुकाने की रणनीति जानना जरूरी है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, ब्याज दर को समझना और सही प्राथमिकता तय करना महत्वपूर्ण है। जानें कि कैसे क्रेडिट कार्ड का बकाया पहले चुकाना समझदारी है और किस तरह से आप अपने सिबिल स्कोर को बेहतर बना सकते हैं। इस लेख में कर्ज से बाहर निकलने के लिए स्मार्ट योजनाओं पर भी चर्चा की गई है।
 

पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का बढ़ता बोझ

नई दिल्ली: वर्तमान समय में व्यक्तिगत ऋण और क्रेडिट कार्ड का उपयोग सामान्य हो गया है, लेकिन समस्या तब उत्पन्न होती है जब कोई व्यक्ति दोनों के बोझ तले दब जाता है। मान लीजिए कि आपके ऊपर 2 लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड बकाया है और साथ ही 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण भी है। ऐसे में कई लोग पहले व्यक्तिगत ऋण चुकाने की गलती कर देते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि कर्ज चुकाने की प्राथमिकता बकाए की राशि से नहीं, बल्कि उस पर लगने वाले ब्याज और शर्तों से तय होनी चाहिए।


ब्याज दर का महत्व

42% तक ब्याज की मार, रकम नहीं ब्याज दर तय करेगी प्राथमिकता
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, कर्ज चुकाने का मूल नियम ब्याज दर को समझना है। व्यक्तिगत ऋण पर आमतौर पर 12 से 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगता है, जबकि क्रेडिट कार्ड पर बकाया रहने पर यह 36 से 42 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। जैगल के फाउंडर एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राज पी नारायणन और मिनी ईएमआई डॉट एआई के सीओओ कपिल मखीजा का कहना है कि क्रेडिट कार्ड का कर्ज चक्रवृद्धि ब्याज के कारण तेजी से बढ़ता है। इसलिए, पहले क्रेडिट कार्ड का कर्ज चुकाना समझदारी है।


मिनिमम ड्यू का खतरा

‘मिनिमम ड्यू’ का खतरनाक चक्रव्यूह, जेब पर पड़ता है दोहरा वार
क्रेडिट कार्ड धारक अक्सर बिल आने पर केवल 5 प्रतिशत ‘मिनिमम ड्यू’ भरकर निश्चिंत हो जाते हैं, जो एक बड़ा वित्तीय फंदा साबित होता है। मिनिमम अमाउंट भरने से केवल लेट फीस से बचा जा सकता है, लेकिन बाकी राशि पर 40 प्रतिशत की दर से ब्याज जुड़ता रहता है। यह ब्याज इतनी तेजी से बढ़ता है कि उपभोक्ता कर्ज के अंतहीन जाल में फंस जाता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि केवल मिनिमम पेमेंट करने की आदत से बचें और पूरे बकाए को एकमुश्त चुकाने की योजना बनाएं।


सिबिल स्कोर पर प्रभाव

सिबिल स्कोर पर असर: क्रेडिट कार्ड का भारी बकाया बिगाड़ता है प्रोफाइल
कर्ज चुकाने के तरीके का सीधा संबंध आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर से होता है। यदि आप क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट का लगातार 30 प्रतिशत से अधिक उपयोग करते हैं, तो इसे ‘हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन’ माना जाता है, जिससे क्रेडिट स्कोर गिरता है। इसके विपरीत, व्यक्तिगत ऋण की तय ईएमआई समय पर चुकाने से क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत होती है और सिबिल स्कोर में सुधार आता है। इसलिए, व्यक्तिगत ऋण की नियमित किस्तें जारी रखते हुए क्रेडिट कार्ड का बकाया तुरंत खत्म करना बेहतर रणनीति है।


कर्ज से बाहर निकलने की योजना

कर्ज के जाल से निकलने का स्मार्ट प्लान
कर्ज से सुरक्षित बाहर निकलने के लिए एक सटीक वित्तीय रोडमैप जरूरी है। अपने गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करें और बचत या मिलने वाले किसी भी बोनस/इंसेंटिव का उपयोग सीधे क्रेडिट कार्ड का बिल भरने में करें। यदि क्रेडिट कार्ड का बकाया इतना अधिक है कि उसे एक बार में चुकाना संभव नहीं है, तो तुरंत बैंक से बात करके कम ब्याज वाली ईएमआई में कंवर्ट करा लें। इससे 40 प्रतिशत के भारी ब्याज से राहत मिलेगी और कर्ज का भुगतान बजट के भीतर आसान हो जाएगा।