पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच विदेशी मुद्रा बचाने की अपील
विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के लिए नागरिकों से अपील
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को नागरिकों से आग्रह किया कि वे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन में कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए संघर्षविराम की संभावना बहुत कम है।
उन्होंने कहा, "हम एक अनिश्चित समय में हैं। हमारे पड़ोस में दो देशों के बीच युद्ध का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इस समय संघर्षविराम की संभावना दूर की कौड़ी लगती है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से पश्चिम एशिया में उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में सहयोग करने का अनुरोध किया। उन्होंने पेट्रोल और डीजल के विवेकपूर्ण उपयोग और विदेशी मुद्रा की बचत पर जोर दिया।
वैष्णव ने कहा कि इस संकट के समय में नागरिकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि नागरिक अपने जीवन और कार्य में ऐसे उपायों की पहचान करें, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। साथ ही, उन्हें विदेशी मुद्रा अर्जित करने के प्रयासों को भी बढ़ाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने मेट्रो रेल के उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक इस्तेमाल, पार्सल भेजने के लिए रेलवे सेवाओं को प्राथमिकता देने और संभव हो तो 'घर से काम करने' जैसे कदम उठाने का सुझाव दिया। इस पर वैष्णव ने कहा, "मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि प्रधानमंत्री के इस आह्वान का ध्यान रखें और अपने स्तर पर, अपने व्यवसायों में, देशहित में सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें।"