पश्चिम बंगाल में कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि
महंगाई भत्ते में वृद्धि की अधिसूचना
कोलकाता, चार अगस्त: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) को बढ़ाकर 38 प्रतिशत करने की अधिसूचना मंगलवार को जारी की। यह संशोधित दरें दुर्गा पूजा के उत्सव से पहले, एक अक्टूबर से लागू होंगी। मुख्यमंत्री शुभेंदू अधिकारी ने पहले ही इस निर्णय की घोषणा की थी, जिसके बाद अब यह अधिसूचना जारी की गई है।
इस निर्णय का लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों, पेंशनधारकों, सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों, वैधानिक निकायों, सरकारी उपक्रमों, पंचायतों, नगरपालिकाओं, नगर निगमों और अन्य स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को मिलेगा। वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, कार्यरत कर्मचारियों को संशोधित मूल वेतन का 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वहीं, पेंशनधारकों और पारिवारिक पेंशनधारकों को संशोधित पेंशन पर इसी दर से महंगाई राहत दी जाएगी।
अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि पांचवें वेतन आयोग के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता एक अक्टूबर से मौजूदा 171 प्रतिशत से बढ़ाकर 223 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जिन पेंशनधारकों और पारिवारिक पेंशनधारकों की पेंशन अभी तक आरओपीए-2009 के तहत संशोधित नहीं हुई है, उन्हें संशोधित पेंशन लागू होने तक 223 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी। महंगाई भत्ते की गणना संशोधित मूल वेतन और जहां लागू हो, गैर-व्यावसायिक भत्ते (एनपीए) के आधार पर की जाएगी।
इसमें अन्य किसी भत्ते को शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार ने उन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए दैनिक मजदूरी में 110 रुपये की तदर्थ बढ़ोतरी की भी घोषणा की है, जिनका पारिश्रमिक न्यूनतम मजदूरी अधिनियम जैसे वैधानिक प्रावधानों के दायरे में नहीं आता। यह बढ़ोतरी भी एक अक्टूबर से लागू होगी।
राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिसूचना के माध्यम से मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू कर दिया गया है।