पश्चिम बंगाल में निवेशकों के लिए सीधी जमीन खरीद की सुविधा का स्वागत
निवेशकों के लिए नई जमीन खरीद नीति
पश्चिम बंगाल सरकार ने निवेशकों को सीधे जमीन खरीदने की अनुमति देने की घोषणा की है, जिसे राज्य के प्रमुख व्यापार संगठनों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उद्योग जगत का मानना है कि यह कदम राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश को नई दिशा देगा। संगठनों के अनुसार, इस पहल से निवेश में आने वाली प्रमुख बाधाओं में से एक समाप्त हो जाएगी, जिससे उद्योगपतियों और नए उद्यमियों का विश्वास बढ़ेगा।
पिछली सरकार की नीतियों से भिन्न
यह नया दृष्टिकोण ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीतियों से पूरी तरह भिन्न है। उस समय सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलनों के कारण निजी उद्योगों के लिए जमीन के जबरन अधिग्रहण को अस्वीकार कर दिया गया था।
औद्योगिक विकास में तेजी
कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अनंत सहारिया ने कहा कि सरकार की यह नई जमीन खरीद प्रक्रिया नए और मौजूदा निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि इस सुव्यवस्थित दृष्टिकोण से पश्चिम बंगाल के औद्योगिक और आर्थिक विकास में तेजी आएगी, जिससे बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
निवेशकों के लिए सहायक पहल
मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी इस पहल का समर्थन किया, यह कहते हुए कि इससे संभावित निवेशकों को औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए आवश्यक जमीन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नरेश पचीसिया ने भी इसे उद्योगपतियों का विश्वास बढ़ाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक निवेश के लिए जमीन की उपलब्धता, मूल्यांकन और प्रशासनिक मंजूरी सबसे महत्वपूर्ण कारक होते हैं।