×

पाकिस्तान और IMF के बीच 1.2 अरब डॉलर का समझौता

पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 1.2 अरब डॉलर के वित्तीय समझौते पर सहमति जताई है। यह समझौता जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और आर्थिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। IMF की मिशन प्रमुख ने बताया कि पाकिस्तान को EFF और RSF के तहत सहायता मिलेगी। जानें इस समझौते के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

पाकिस्तान और IMF के बीच समझौता

पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने लगभग 1.2 अरब डॉलर के लिए एक प्रारंभिक समझौता किया है। IMF ने शनिवार को जानकारी दी कि दोनों पक्षों ने विस्तारित कोष सुविधा (EFF) की तीसरी समीक्षा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अन्य पर्यावरणीय पहलों से संबंधित रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) की दूसरी समीक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।


IMF का प्रतिनिधिमंडल 25 फरवरी से 2 मार्च तक कराची और इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहा था, लेकिन उस समय कोई समझौता नहीं हो सका। इसके बाद, बातचीत ऑनलाइन जारी रही और अंततः IMF के अधिकारियों और पाकिस्तान सरकार के बीच सहमति बनी।


IMF ने एक बयान में कहा कि दोनों व्यवस्थाओं की समीक्षा पर सहमति बन गई है। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि 37 महीने की EFF व्यवस्था और 28 महीने की RSF व्यवस्था की समीक्षा पर सहमति हो गई है। IMF की मिशन प्रमुख इवा पेट्रोवा ने बताया कि बोर्ड की मंजूरी के बाद पाकिस्तान को EFF के तहत लगभग एक अरब डॉलर और RSF के तहत करीब 21 करोड़ डॉलर मिल सकेंगे।


पाकिस्तान 2024 में IMF के सात अरब डॉलर के EFF कार्यक्रम में शामिल हुआ, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, बाजार में विश्वास बहाल करना, राजकोषीय सुधारों को बनाए रखना और ऊर्जा क्षेत्र की अक्षमताओं को कम करना है।


पिछले वर्ष, पाकिस्तान ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, आपदा प्रबंधन को मजबूत करने, जल दक्षता में सुधार करने और हरित वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए RSF के तहत 1.4 अरब डॉलर की सुविधा प्राप्त की थी।