पिडिलाइट इंडस्ट्रीज का लाभ 30.28% बढ़ा, पहली तिमाही में 883.51 करोड़ रुपये
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज का वित्तीय प्रदर्शन
नई दिल्ली, चार अगस्त: पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में अपने एकीकृत शुद्ध लाभ में 30.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 883.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह जानकारी कंपनी ने शेयर बाजार को दी। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 678.13 करोड़ रुपये था।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 21.27 प्रतिशत बढ़कर 4,551.55 करोड़ रुपये हो गई। फेविकोल, डॉ. फिक्सिट, फेवीक्विक और एम-सील जैसे प्रमुख ब्रांडों की निर्माता इस कंपनी ने बताया कि उसके कच्चे माल का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल से संबंधित है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है।
पिडिलाइट ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव से कंपनी का एकीकृत सकल लाभ मार्जिन 0.7 प्रतिशत घटकर 53.3 प्रतिशत रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 54 प्रतिशत था। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 18.67 प्रतिशत बढ़कर 3,468.29 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के प्रबंध निदेशक सुधांशु वत्स ने कहा, 'कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की है।'
उन्होंने आगे कहा कि उपभोक्ता और बाजार के साथ-साथ बी2बी दोनों क्षेत्रों में व्यापक वृद्धि देखी गई है। घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और अनुशासित क्रियान्वयन के कारण कंपनी ब्रांड निर्माण, नवाचार, आपूर्ति श्रृंखला और लागत प्रबंधन के बीच संतुलन बनाए रखने में सफल रही है।
सुधांशु वत्स ने यह भी बताया कि कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि, मालभाड़ा लागत और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े जोखिमों पर कंपनी लगातार नजर रखे हुए है। उन्हें विश्वास है कि सक्रिय कदमों के माध्यम से इन चुनौतियों का प्रभाव कम करते हुए वृद्धि की गति बनाए रखी जाएगी।