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पीयूष गोयल को ब्रिटेन-भारत संबंधों में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को ब्रिटेन-भारत संबंधों में उनके असाधारण नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया। इस समारोह में सीईटीए के लागू होने की खुशी भी मनाई गई। गोयल ने समझौते की विशेषताओं और इसके महत्व पर प्रकाश डाला, जिसमें तकनीक, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग शामिल है। जानें इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में और अधिक।
 

ब्रिटेन-भारत संबंधों में योगदान

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को 'ब्रिटेन-भारत संबंधों के उन्नयन में असाधारण नेतृत्व' के लिए एक समारोह में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर, दोनों देशों के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत करने वाली टीमों को भी सराहा गया।


इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) द्वारा आयोजित 'यूके-इंडिया अवार्ड्स 2026' की दसवीं वर्षगांठ बृहस्पतिवार को मनाई गई। इस मौके पर 'भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते' (सीईटीए) के लागू होने की खुशी भी मनाई गई, जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा।


गोयल का संदेश

विशेष पुरस्कार ग्रहण करते समय गोयल के साथ मंच पर ब्रिटेन के मंत्री पीटर काइल और आईजीएफ के संस्थापक मनोज लाडवा भी उपस्थित थे। गोयल ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि यह सफल होगा और सीईटीए भविष्य में अन्य मुक्त व्यापार समझौतों के लिए एक उदाहरण बनेगा।'


उन्होंने आगे कहा, 'यह केवल शुल्क और मूल संबंधी नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक, शिक्षा, संस्कृति और कला के क्षेत्रों में सहयोग को भी शामिल करता है। इसका उद्देश्य दोनों देशों की बेहतरीन खूबियों को एक-दूसरे तक पहुंचाना है।'


समझौते की विशेषताएँ

गोयल ने कहा, 'यह एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित समझौता है। हमने हर वाक्य और उत्पाद पर चर्चा की, लेकिन निष्पक्षता और आपसी समझ के साथ।' उन्होंने उन वार्ताकार टीमों की सराहना की जिन्होंने वर्षों तक इस दिशा में मेहनत की।


सीईटीए को लागू करने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गोयल ने ब्रिटेन की तीन दिन की यात्रा की, जिसमें भारत और ब्रिटेन के उद्यमियों और निवेशकों की बड़ी संख्या ने भाग लिया।