पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए वित्तीय संस्थानों से सहयोग की अपील
पूर्वोत्तर राज्यों के विकास में तेजी लाने की आवश्यकता
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वित्तीय संस्थानों से आग्रह किया है कि वे पूर्वोत्तर राज्यों के विकास में सक्रिय रूप से भाग लें। मिजोरम विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्वोत्तर बैंकर्स सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को तेज करने के लिए कर्ज के प्रवाह को सुगम बनाना अत्यंत आवश्यक है।
सिंधिया ने सम्मेलन में बताया कि उनके मंत्रालय ने नॉर्थ ईस्टर्न डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (नेडफी) के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र पूर्वोत्तर में बेहतर, तेज और लोगों के करीब सेवा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं है, बल्कि इसे एक ‘प्रगति पत्र’ के रूप में देखा जाना चाहिए, जिससे यह समझा जा सके कि अब तक क्या हासिल हुआ है और आगे क्या करना है। पिछले सम्मेलन में बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया गया था, जबकि इस बार चर्चा का केंद्र जरूरतमंद लोगों तक कर्ज पहुंचाना होना चाहिए।
सिंधिया ने कहा, ‘‘अगरतला में हुए सम्मेलन से यह स्पष्ट हुआ कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक समान पारंपरिक पैकेज प्रभावी नहीं होगा।’’ उन्होंने प्रत्येक राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझने और उसी के अनुसार बैंकिंग उत्पाद विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पिछले साल आयोजित ‘राइजिंग नॉर्थईस्ट समिट’ में लगभग 4.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से करीब 40,000 करोड़ रुपये के निवेश पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह निवेश की रुचि है, जिसके अनुसार बैंकिंग समुदाय को कदम उठाने की आवश्यकता है।’’ निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।