पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द, ग्राहकों में चिंता
आरबीआई की कड़ी कार्रवाई
आरबीआई ने तुरंत प्रभाव से लाइसेंस रद्द किया
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने का निर्णय लिया। इस कठोर कदम से लाखों ग्राहक प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने इस बैंक में अपने खाते खोले हैं और बड़े पैमाने पर लेनदेन कर रहे हैं।
आरबीआई ने इस निर्णय का कारण बताते हुए कहा कि बैंक के प्रबंधन का सामान्य स्वरूप जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ है, जिससे यह सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
आरबीआई के निर्णय का प्रभाव
यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है, जिसके बाद बैंक नई जमा स्वीकार नहीं कर सकेगा और न ही किसी ग्राहक के खाते में क्रेडिट लेन-देन कर पाएगा। इस स्थिति का सीधा असर करोड़ों ग्राहकों पर पड़ेगा, जो अपनी जमा राशि और लेन-देन को लेकर चिंतित हैं। आरबीआई ने यह भी कहा कि वह उच्च न्यायालय में बैंक को बंद करने के लिए आवेदन करेगा। आरबीआई ने आश्वासन दिया है कि बैंक के बंद होने पर पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के पास अपनी सभी जमा देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त तरलता है।
ग्राहकों के लिए आरबीआई की सलाह
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के लाइसेंस रद्द होने से इसके लाखों ग्राहक प्रभावित होंगे। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ग्राहक अपनी जमा राशि निकालने के लिए स्वतंत्र हैं। बैंक किसी भी ग्राहक को अपनी जमा राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
ग्राहक अपनी जमा राशि को किसी अन्य बैंक खाते में स्थानांतरित कर सकते हैं। हालांकि, पेटीएम के प्रीपेड वॉलेट और फास्टैग सेवाओं पर भी इसका असर पड़ेगा। इन सेवाओं को जल्द ही किसी अन्य बैंक के साथ एकीकृत किया जाएगा। भविष्य में बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करना एक जटिल प्रक्रिया होगी, जो फिनटेक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है।