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पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती चिंताएं

आज 8 अक्टूबर को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है। सरकारी कंपनियों ने ग्राहकों पर बोझ नहीं डाला है, लेकिन प्राइवेट रिटेलर ने दाम बढ़ाए हैं। जानें विभिन्न महानगरों में आज के रेट और अमेरिका में घटते भंडार का क्या असर है। क्या आने वाले दिनों में कीमतें बढ़ेंगी? इस पर एक नजर डालें।
 

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं


नई दिल्ली: आज 8 अक्टूबर को देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह 6 बजे की नियमित समीक्षा में सभी प्रमुख शहरों में दामों को जस का तस रखा। यह ध्यान देने योग्य है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास शिपिंग पर हमलों के खतरे ने वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.33 डॉलर बढ़कर 101.53 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 1.11 डॉलर की वृद्धि के साथ 89.39 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।


प्राइवेट कंपनियों ने बढ़ाए दाम

हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रूड की कीमतें बढ़ रही हैं, सरकारी कंपनियों ने ग्राहकों पर पूरा बोझ नहीं डाला है। मई में लागत में वृद्धि के बाद, कई चरणों में लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन जून से दाम स्थिर हैं। दूसरी ओर, प्राइवेट रिटेलर नायरा एनर्जी ने हाल ही में पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। यह बढ़ती अंतरराष्ट्रीय दरों का प्रभाव ग्राहकों तक पहुंचाने वाली पहली कंपनियों में से एक रही है।


महानगरों में आज के रेट

आज मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रही। पिछले कुछ दिनों से मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.18 से 111.21 रुपये के बीच बनी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये, कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये, चेन्नई में 107.77 रुपये, बेंगलुरु में 111.68 रुपये और लखनऊ में 101.86 रुपये प्रति लीटर पर है।


अमेरिका में घटा भंडार

अमेरिका के एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, 2 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में वहां कच्चे तेल का भंडार 32 लाख बैरल घटकर 424.1 मिलियन बैरल रह गया, जबकि अनुमान 17 लाख बैरल की कमी का था। डीजल और जेट फ्यूल के स्टॉक में भी कमी आई है, जिससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है। वर्तमान में सरकारी कंपनियों ने दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन यदि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं।