पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर उछाल: जानें नए रेट्स और कारण
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी
नई दिल्ली: देशभर में सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर से बड़ा इजाफा हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते पेट्रोल और डीजल के दामों में 2.61 रुपये से 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
इससे पहले शनिवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में 87 से 91 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई थी। इसके साथ ही, CNG की कीमतों में भी 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है। 15 मई से शुरू हुए संशोधन के बाद अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
महानगरों में पेट्रोल और डीजल के नए दाम
दिल्ली समेत चारों महानगरों में बढ़े पेट्रोल के दाम
हालिया संशोधन के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.51 रुपये से बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल की कीमत 92.49 रुपये से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।
चारों महानगरों में पेट्रोल के नए रेट
दिल्ली: 102.12 रुपये (+2.61)
कोलकाता: 113.51 रुपये (+2.87)
मुंबई: 111.21 रुपये (+2.72)
चेन्नई: 107.77 रुपये (+2.46)
डीजल की कीमतों में भी बड़ा इजाफा
दिल्ली: 95.20 रुपये (+2.71)
कोलकाता: 99.82 रुपये (+2.80)
मुंबई: 97.83 रुपये (+2.81)
चेन्नई: 99.55 रुपये (+2.57)
CNG की कीमतों में भी वृद्धि
CNG भी हुई महंगी
पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ CNG की कीमतों में भी लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में CNG का दाम 80.09 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 81.09 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। आस-पास के शहरों में भी कीमतों में इजाफा हुआ है।
कीमतों में वृद्धि के कारण
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और रुपये की कमजोरी के कारण तेल कंपनियों की आयात लागत में वृद्धि हुई है। इसी कारण सरकारी तेल कंपनियां लगातार कीमतों में संशोधन कर रही हैं। बढ़ती कीमतों से महंगाई और परिवहन लागत में वृद्धि की चिंता भी बढ़ गई है।
15 मई से लगातार बढ़ रहे हैं दाम
15 मई से लगातार बढ़ रहे हैं दाम
15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर तक दाम बढ़ाए गए। अब सोमवार की ताजा बढ़ोतरी के बाद आम लोगों पर ईंधन का बोझ और बढ़ गया है।
निजी कंपनियों की भूमिका
निजी कंपनियों ने भी बढ़ाए थे दाम
मार्च में पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। वहीं, सेल ने 1 अप्रैल से पेट्रोल की कीमत में 7.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 25 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया था। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और BP Plc की संयुक्त कंपनी Jio-BP ने सरकारी कंपनियों के साथ तालमेल में कीमतें तय कीं।
बाजार पर सरकारी कंपनियों का नियंत्रण
90 फीसदी बाजार पर सरकारी कंपनियों का कब्जा
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) मिलकर देश के करीब 90 फीसदी ईंधन बाजार को नियंत्रित करती हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
चुनावों तक दाम रोके रखने के आरोप
सरकारी तेल कंपनियों ने लंबे समय तक बढ़ती लागत के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं किया था। सरकार का कहना था कि यह कदम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने के लिए उठाया गया। वहीं विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण राज्य चुनावों तक कीमतों में बढ़ोतरी को जानबूझकर रोका गया।
Crisil की रिपोर्ट
Crisil ने क्या कहा?
Crisil के अनुसार, पहले की बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था। ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई 2022 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।