पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी: जानें आज के भाव
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नजर
नई दिल्ली: आज वाहन चालकों की निगाहें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिकी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते, देश के प्रमुख शहरों में ईंधन के वर्तमान दामों का खुलासा हुआ है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमतें भिन्न हैं, जबकि डीजल की कीमतों में भी शहरों के अनुसार अंतर देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को ब्रेंट कच्चा तेल 89.47 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को इसमें 1.36 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, और यह 88.91 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई तेल भी 1.3 प्रतिशत बढ़कर 83.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस सप्ताह वैश्विक तेल कीमतों में छह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है।
दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल की कीमतें
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है, जबकि मुंबई में यह 111.12 रुपये प्रति लीटर है। दोनों शहरों के बीच कीमतों में बड़ा अंतर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.43 रुपये और चेन्नई में 107.75 रुपये प्रति लीटर है। हैदराबाद में इसकी कीमत 115.69 रुपये, जबकि बेंगलुरु में 110.93 रुपये प्रति लीटर है।
डीजल की कीमतों में भी अंतर
डीजल की कीमतों की बात करें तो दिल्ली में इसका भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.78 रुपये और चेन्नई में 99.57 रुपये प्रति लीटर है। हैदराबाद में इसकी कीमत 103.82 रुपये, जबकि बेंगलुरु में 98.79 रुपये प्रति लीटर है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का कारण
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता एक महत्वपूर्ण कारण मानी जा रही है। ईरान ने कहा है कि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका उसकी कुछ शर्तें नहीं मानता। इस स्थिति के कारण तेल की आपूर्ति को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के संकेत भी अलग-अलग आ रहे हैं।
भारत पर प्रभाव
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अन्य देशों से आयात करता है। ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो देश का आयात खर्च बढ़ सकता है। महंगे कच्चे तेल का असर महंगाई पर भी पड़ सकता है, और घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव की संभावना भी बढ़ सकती है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं करतीं। इसमें कई अन्य खर्च और कर भी शामिल होते हैं।
मुख्य रूप से शामिल हैं:
केंद्र और राज्य सरकारों के कर
तेल शोधन का खर्च
परिवहन और वितरण लागत
रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत
इसलिए, वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बदलाव का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है।