पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता, उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद
पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर
नई दिल्ली: रविवार को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद, आम जनता को अभी भी ईंधन की कीमतों में राहत नहीं मिली है। तेल कंपनियों ने आज भी पेट्रोल और डीजल के दाम पूर्ववत बनाए रखे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में महत्वपूर्ण गिरावट आई है। कुछ समय पहले ब्रेंट क्रूड का मूल्य 110 डॉलर प्रति बैरल से अधिक था, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद कीमतों में नरमी आई है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल का मूल्य लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल था।
केंद्रीय मंत्री का बयान
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया है कि भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी संभव है। उन्होंने बताया कि तेल विपणन कंपनियां पहले ऊंचे दाम पर खरीदे गए कच्चे तेल को प्रोसेस करके बेच रही हैं। जैसे-जैसे सस्ते कच्चे तेल का स्टॉक बाजार में आएगा, इसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।
दिल्ली में ईंधन की कीमतें
दिल्ली में कितना है दाम?
दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर है।
अन्य शहरों में कीमतें
उत्तर प्रदेश के नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.56 रुपये प्रति लीटर है, जबकि लखनऊ में पेट्रोल 101.89 रुपये और डीजल लगभग 95 रुपये प्रति लीटर है। चंडीगढ़ में डीजल की कीमत 89.47 रुपये प्रति लीटर है, जो अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में सबसे सस्ती है। वहीं, हैदराबाद में पेट्रोल 115.73 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर के साथ सबसे महंगे शहरों में शामिल है।
पिछले महीने की बढ़ोतरी
कितनी हुई बढ़ोत्तरी?
पिछले महीने मई में, तेल कंपनियों ने चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे। मई के दौरान कुल मिलाकर लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि, सरकार ने बाद में एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया था।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उपभोक्ताओं को राहत के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।