पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता, क्या जल्द मिलेगी राहत?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों की वर्तमान स्थिति
हर दिन लाखों वाहन मालिक पेट्रोल पंप पर जाते समय यही सोचते हैं कि आज ईंधन का खर्च कितना होगा। 19 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं आया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी ने लोगों में उम्मीद की किरण जगाई है। क्या जल्द ही ईंधन सस्ता होगा? यह सवाल हर मध्यम वर्गीय परिवार के लिए चिंता का विषय बन गया है। वर्तमान में पेट्रोल-डीजल की दरें स्थिर हैं, लेकिन क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयात पर निर्भर देश में राहत की संभावना बढ़ गई है। तेल कंपनियां हर सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। यदि आप गाड़ी निकालने वाले हैं, तो बाहर निकलने से पहले ताजा कीमतें जान लेना जरूरी है, अन्यथा अनावश्यक खर्च हो सकता है।
शहरों में ईंधन की कीमतें
दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल की कीमत 95.20 रुपये है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.18 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल 97.83 रुपये में मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 99.82 रुपये का है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये पर बिक रहा है। बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 110.93 रुपये और डीजल 98.80 रुपये है। हैदराबाद में ये दरें और भी ऊंची हैं, जहां पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 103.82 रुपये है।
छोटे शहरों में ईंधन की स्थिति
शिमला में पेट्रोल 102.55 रुपये और डीजल 94.61 रुपये पर उपलब्ध है। लखनऊ में पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.55 रुपये की दर पर मिल रहा है। पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये और डीजल 99.36 रुपये का है। बड़े शहरों की तुलना में इन स्थानों पर थोड़ी राहत देखने को मिल रही है, लेकिन आम आदमी अभी भी महंगाई का सामना कर रहा है।
क्रूड ऑयल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 77.69 डॉलर प्रति बैरल है, जबकि WTI क्रूड 74.90 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से भारत को आयात पर कम खर्च करने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सस्तापन जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद की जा रही है।
सरकार की स्थिति
पेट्रोलियम मंत्रालय पूरी स्थिति पर ध्यान दे रहा है। रुपये की मजबूती, टैक्स और वैश्विक कीमतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल तत्काल राहत के कोई संकेत नहीं हैं, लेकिन सरकार उपभोक्ताओं को सही समय पर लाभ पहुंचाने के लिए तैयार है।