पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर बढ़ा शुल्क: जानें नई कीमतें और असर
नई दिल्ली में ईंधन की कीमतों में बदलाव
नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर शुल्क में वृद्धि के चलते, 2 सितंबर 2026 को देश में ईंधन की नई कीमतें घोषित की गई हैं। केंद्र सरकार ने 1 सितंबर से पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल के निर्यात शुल्क में 1 रुपये की वृद्धि करके इसे 25 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें
दिल्ली में बिना एथेनॉल वाले पेट्रोल की कीमत 167.35 रुपये प्रति लीटर है। E5 पेट्रोल की कीमत 109.24 रुपये और E20 पेट्रोल, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया गया है, की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इस निर्णय का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है।
आम जनता पर प्रभाव नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ विंडफॉल टैक्स केवल पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लागू होगा। घरेलू उपयोग के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
डीजल और एटीएफ पर शुल्क में बदलाव
हालिया समीक्षा के अनुसार, डीजल पर कुल 25 रुपये प्रति लीटर शुल्क लगाया गया है, जिसमें 24 रुपये स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और 1 रुपये रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल हैं। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क को 50 पैसे घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पूरी तरह से SAED के रूप में वसूला जाएगा।
हर 15 दिन में होती है समीक्षा
सरकार हर 15 दिन में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क की समीक्षा करती है। यह समीक्षा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की औसत कीमतों के आधार पर की जाती है। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना और निर्यात को नियंत्रित करना है।