×

पेट्रोल-डीजल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बावजूद राहत नहीं

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने कोई कटौती नहीं की है, जिससे वाहन चालकों को राहत नहीं मिल रही है। जानें दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में ईंधनों की ताजा दरें और इस स्थिति के पीछे के कारण।
 

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता


पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज: अंतरराष्ट्रीय बाजार से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद देश के वाहन चालकों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई कमी नहीं की गई है।


31 मई 2026 को जारी नवीनतम दरों के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा है। ऐसे में आम जनता की नजरें इस बात पर हैं कि वैश्विक बाजार में आई नरमी का घरेलू कीमतों पर कब असर होगा।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

कच्चे तेल में गिरावट, लेकिन राहत अब भी दूर


पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के चलते इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। आमतौर पर जब क्रूड सस्ता होता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद होती है, लेकिन तेल कंपनियों ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।


मई में ईंधन की कीमतों में वृद्धि

मई में कई बार बढ़े थे ईंधन के दाम


मई 2026 के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी गई। 15, 19, 23 और 25 मई को कंपनियों ने विभिन्न चरणों में कीमतें बढ़ाईं। इन बढ़ोतरी के बाद दिल्ली सहित कई शहरों में ईंधन की कीमतें काफी ऊंची हो गईं।


दिल्ली में ताजा कीमतें

राजधानी दिल्ली में क्या है ताजा भाव


सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। रविवार को जारी नई सूची में दोनों ईंधनों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।


महानगरों में कीमतों की स्थिति

महानगरों में भी ऊंचे स्तर पर कायम हैं कीमतें


कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.51 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। अन्य महानगरों में भी उपभोक्ता राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


तेल कंपनियों पर दबाव

तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव की चर्चा


एक अनुमान के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची लागत के कारण सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल की बिक्री पर प्रतिदिन भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद घरेलू कीमतों में तुरंत बदलाव नहीं किया गया है।