पेप्सिको इंडिया का खाद्य कारोबार त्योहारी सीजन में वृद्धि की उम्मीद
पेप्सिको का खाद्य कारोबार
पेप्सिको इंडिया को विश्वास है कि उसका खाद्य विभाग इस त्योहारी सीजन में पिछले वर्ष के समान वृद्धि हासिल करेगा। कंपनी को नए उत्पादों की पेशकश और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के अनुसार सुविधाजनक विकल्पों की बढ़ती मांग से कारोबार में तेजी की उम्मीद है। यह जानकारी कंपनी की एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को साझा की।
उपभोक्ताओं की पसंद के अनुसार उत्पादों का विस्तार
पेप्सिको इंडिया की खाद्य कारोबार की मुख्य विपणन अधिकारी साक्षी वर्मा मेनन ने बताया कि कंपनी त्योहारी सत्र में उपभोक्ताओं की विविध पसंद को ध्यान में रखते हुए स्नैक्स, स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद और प्रीमियम सामान की पेशकश को बढ़ा रही है। मेनन ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान पेप्सिको फूड्स का कारोबार पिछले साल की तरह बढ़ेगा और हम उद्योग के अनुरूप वृद्धि देखेंगे।'
ई-कॉमर्स में उत्पादों की उपलब्धता
कंपनी ने हाल ही में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अपने 'रेडी-टू-ईट' उत्पादों की उपलब्धता को बढ़ाया है, ताकि उपभोक्ताओं को त्योहारी सीजन में स्नैक्स खरीदने में आसानी हो। मेनन ने कहा कि कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते स्वाद और खाने-पीने के विभिन्न अवसरों को ध्यान में रखते हुए नए उत्पाद विकसित कर रही है। इसके लिए कंपनी की अनुसंधान एवं विकास टीम बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार उत्पाद तैयार कर रही है।
कोका-कोला की बिक्री में वृद्धि
इस बीच, कोका-कोला की भारत की सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी एसएलएमजी बेवरेजेज ने बताया है कि मौजूदा त्योहारी सत्र में उसका कारोबार दोहरे अंक में बढ़ रहा है। नवरात्रि के बाद कंपनी की बिक्री में तेजी आई है और दिवाली के 'गिफ्ट पैक' के लिए उसे बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक परितोष लधानी ने कहा कि बिक्री में तेजी देखने को मिल रही है।
त्योहारी अवधि में मांग की उम्मीद
लधानी ने कहा कि नवंबर और दिसंबर पेय पदार्थ कारोबार के लिए महत्वपूर्ण महीने हैं, क्योंकि इस दौरान दिवाली, क्रिसमस और नए साल के उत्सव के चलते मांग बढ़ती है। उन्होंने बताया कि कंपनी चीनी और पैकेजिंग सामग्री सहित विभिन्न कच्चे माल की बढ़ती लागत का सामना कर रही है।
कंपनी की रणनीति
हालांकि, कीमतों में और बढ़ोतरी को लेकर कंपनी फिलहाल 'देखो और इंतजार करो' की नीति अपना रही है। कंपनी उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों को किफायती बनाए रखने पर ध्यान दे रही है। साथ ही, बिक्री की मात्रा बढ़ाकर कच्चे माल की बढ़ती लागत के असर को कम करने की कोशिश की जा रही है।