×

प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-किसान योजना और खेलो इंडिया योजना के विस्तार की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में पीएम-किसान योजना को 2030-31 तक बढ़ाने और खेलो इंडिया योजना के विस्तार की घोषणा की। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आवश्यक संसाधन प्रदान करना और युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर देना है। इसके अलावा, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जानें इन योजनाओं के बारे में और कैसे ये भारत की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेंगी।
 

प्रधानमंत्री मोदी का किसानों और खेलों के प्रति समर्थन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पीएम-किसान योजना को 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए बढ़ाने के निर्णय की प्रशंसा की, जिसका कुल बजट 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को बीज, उर्वरक और कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता प्रदान करेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।


मोदी ने एक्स पर लिखा कि हम अपने किसान भाई-बहनों के सशक्तीकरण और समृद्धि के प्रति प्रतिबद्ध हैं। इसी दिशा में पीएम किसान सम्मान निधि योजना को 2030-31 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे अन्नदाताओं को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता में मदद मिलेगी।


खेलो इंडिया योजना का विस्तार

खेलो इंडिया योजना के विस्तार पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया योजना के विस्तार के साथ-साथ राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता में भी वृद्धि की गई है।


इससे युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अपनी प्रतिभा को निखारने के अधिक अवसर मिलेंगे।


ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम

वित्त वर्ष 2030-31 तक कार्यान्वयन के लिए 84,084 करोड़ रुपये के बजट के साथ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी मिलने पर मोदी ने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को नई गति प्रदान करेगी।


प्रधानमंत्री ने 5,070 करोड़ रुपये के बजट के साथ फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाओं के विकास के लिए प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (पीएम-एसएसवाई) को मंजूरी देने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को बढ़ाएगी और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को लाभ पहुंचाएगी।