फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड: 20 साल में निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न
फ्रैंकलिन टेंपलटन का निवेश डेटा
नई दिल्ली। यदि आप निवेश की शक्ति को समझना चाहते हैं, तो फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड का यह नया डेटा आपको चौंका सकता है। इस योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि कैसे बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच दीर्घकालिक निवेश एक बड़ा फंड बना सकता है। हाल ही में, इस फंड ने अपने 20 साल पूरे होने का जश्न मनाया और इसके एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2,300 करोड़ रुपये से अधिक हो गए हैं। पहले इस फंड का नाम टेंपलटन इंडिया इक्विटी इनकम फंड था, जो डिविडेंड यील्ड-फोकस्ड निवेश रणनीति का पालन करता है। इसका मतलब है कि यह फंड मुख्य रूप से उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है जिनकी डिविडेंड यील्ड अधिक होती है। आइए जानते हैं कि इसमें निवेश करने वालों को अब तक कितना लाभ हुआ है।
फंड का नाम और कार्यप्रणाली
इसका नाम है फ्रैंकलिन इंडिया डिविडेंड यील्ड फंड, जिसे पहले 'टेंपलटन इंडिया इक्विटी इनकम फंड' के नाम से जाना जाता था। इस फंड की सफलता के कारण इसका कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹2,300 करोड़ के पार पहुंच चुका है।
20 वर्षों में रिटर्न
यदि कोई निवेशक 20 साल पहले इस फंड में ₹10,000 की मासिक SIP शुरू करता, तो आज उसका कुल फंड ₹1.2 करोड़ हो गया होता। इसका मतलब है कि इस अवधि में निवेशक ने ₹24 लाख लगाए और रिटर्न में उन्हें ₹1.2 करोड़ मिले। वहीं, यदि किसी ने एक बार में ₹1 लाख का निवेश किया होता, तो आज उनकी वैल्यू बढ़कर ₹13.6 लाख हो गई होती।
निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन
इस फंड ने रिटर्न के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। इसने निवेशकों को इंडेक्स की तुलना में अधिक लाभ दिया है। अब तक, इस फंड ने 13.97% का सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। यदि हम इसे बेंचमार्क इंडेक्स से तुलना करें, तो 'निफ्टी 500 टोटल रिटर्न इंडेक्स' में ₹1 लाख का निवेश बढ़कर ₹10.3 लाख हुआ, जिसने 12.39% का CAGR रिटर्न दिया।
फंड की कार्यप्रणाली
यह योजना 'डिविडेंड यील्ड-फोकस्ड इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी' पर आधारित है। इसका अर्थ है कि फंड मैनेजर केवल उन कंपनियों के शेयरों का चयन करते हैं जिनका डिविडेंड देने का अच्छा रिकॉर्ड होता है।
निवेश के क्षेत्र
यह फंड किसी एक सेक्टर में सारा पैसा नहीं लगाता, बल्कि विभिन्न मार्केट कैप वाली कंपनियों में निवेश करता है। इसके पोर्टफोलियो में बैंकिंग, पावर, आईटी, एफएमसीजी, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर्स शामिल हैं। यह जोखिम को कम करने के लिए ऐसा करता है और देश के बाहर भी निवेश करता है। अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, इसका लगभग 8% पैसा अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे विदेशी बाजारों में लगा था। इसके अलावा, इसने 4 लिस्टेड रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) में 9% से अधिक का निवेश किया है। पिछले 12 महीनों में, इस फंड का औसतन 54% पैसा लार्जकैप कंपनियों में लगा रहा।