बाइनेंस पर साइबर हमले ने डिजिटल मुद्रा की सुरक्षा पर उठाए सवाल
बाइनेंस पर हुए हमले से उठे सुरक्षा के सवाल
बाइनेंस, जो कि दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में से एक है, पर हाल ही में हुए साइबर हमले ने डिजिटल वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने केवल 20 मिनट में विभिन्न डिजिटल नेटवर्क का उपयोग करके लगभग 6.36 अरब डॉलर की क्रिप्टो संपत्तियों को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया। भारतीय मुद्रा में यह राशि 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है, तो इसे डिजिटल मुद्रा के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी माना जाएगा।
उत्तर कोरिया के हैकरों का संदेह
अमेरिकी ब्लॉकचेन जांच एजेंसी टीआरएम लैब्स ने इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया से जुड़े एक कुख्यात साइबर अपराधी समूह, ट्रेडरट्रेटर, की संलिप्तता की आशंका जताई है। बाइनेंस ने प्रभावित संपत्तियों को रोकने और ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। इस घटना के बाद क्रिप्टो बाजार में भी हलचल देखने को मिली है।
साइबर हमले की तकनीक
टीआरएम लैब्स के अनुसार, अपराधियों ने एक ही नेटवर्क पर निर्भर रहने के बजाय दस अलग-अलग ब्लॉकचेन का उपयोग किया, जिससे बड़ी मात्रा में डिजिटल संपत्तियों को तेजी से स्थानांतरित किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल निशान इस हमले को उत्तर कोरिया के हैकर समूह ट्रेडरट्रेटर से जोड़ते हैं। ब्लॉकचेन विश्लेषण कंपनी चेनैलिसिस के सह-संस्थापक जोनाथन लेविन ने भी इस समूह की संभावित भूमिका की ओर इशारा किया है।
बाइनेंस की प्रतिक्रिया
बाइनेंस ने इस घटना को एक जटिल साइबर हमले के रूप में वर्णित किया है। कंपनी ने बताया कि ब्लॉकचेन क्षेत्र के सहयोगियों के साथ मिलकर लगभग तीन अरब डॉलर की प्रभावित संपत्तियों को रोकने की कार्रवाई की गई है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमलावर इन संपत्तियों को दूसरे खातों में भेजकर नकद में न बदल सकें।
ग्राहकों की सुरक्षा पर बाइनेंस का आश्वासन
इस घटना के बाद बाइनेंस के ग्राहकों में अपने निवेश को लेकर चिंता बढ़ गई है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि उपयोगकर्ताओं की संपत्तियां सुरक्षित हैं। एहतियात के तौर पर, जमा और निकासी की सुविधाओं पर अस्थायी रोक लगाने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने लगभग 45 घंटे के भीतर निकासी सेवा फिर से शुरू करने की उम्मीद जताई है।
पिछले हमलों से ट्रेडरट्रेटर का संबंध
ट्रेडरट्रेटर को उत्तर कोरिया के लाजरस साइबर समूह से जोड़ा जाता है, जो पहले भी कई बड़े डिजिटल हमलों में शामिल रहा है। 2014 में सोनी पिक्चर्स पर हुए साइबर हमले में भी इस समूह का नाम सामने आया था। यदि मौजूदा आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पिछले हमलों से कहीं अधिक गंभीर मामला होगा।
क्रिप्टो बाजार में गिरावट
साइबर हमले की खबर के बाद क्रिप्टो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बिटकॉइन की कीमत लगभग चार प्रतिशत गिरकर 77,465 डॉलर तक पहुंच गई है। इथेरियम में भी पांच से छह प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि बाइनेंस की अपनी डिजिटल मुद्रा बीएनबी लगभग एक प्रतिशत नीचे आ गई है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि डिजिटल संपत्तियों में निवेश के साथ साइबर सुरक्षा का जोखिम भी जुड़ा होता है।