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बिहार में लीची फसलों के लिए विशेष कार्यबल का गठन, कीटों के खतरे का सामना

केंद्र सरकार ने बिहार के लीची बागानों को कीटों के खतरे से बचाने के लिए एक विशेष कार्यबल का गठन किया है। यह कार्यबल फसलों के नुकसान का आकलन करेगा और किसानों को राहत देने के उपाय सुझाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस निर्णय की जानकारी दी है, जिसमें 'स्टिंक बग' कीट के कारण हुए नुकसान का उल्लेख किया गया है। कार्यबल एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिससे किसानों की आय को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।
 

बिहार के लीची बागानों पर कीटों का खतरा

बिहार के प्रसिद्ध लीची बागानों को कीटों के खतरे से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को यह जानकारी दी कि बिहार में लीची फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए एक विशेष कार्यबल का गठन किया गया है। यह निर्णय उन शिकायतों के आधार पर लिया गया है, जिनमें बताया गया था कि इस वर्ष 'स्टिंक बग' नामक कीट के कारण फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है।


विशेष कार्यबल की जिम्मेदारियां

इस कार्यबल का दल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा, नुकसान की सीमा का आकलन करेगा और किसानों को राहत प्रदान करने के लिए तात्कालिक और दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश करेगा। चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'दल एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।' उन्होंने यह भी कहा कि कार्यबल राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर आवश्यक हस्तक्षेपों के बारे में सलाह देगा।


किसानों के हितों की रक्षा

केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए 'पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता' के साथ कार्य कर रही है। बिहार भारत का प्रमुख लीची उत्पादक राज्य है, और मुजफ्फरपुर की शाही लीची को 2018 में भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हुआ था।


राज्य और केंद्र का साझा प्रयास

कृषि मंत्री ने बताया कि टास्क फोर्स केवल नुकसान का आकलन नहीं करेगी, बल्कि राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर आवश्यक हस्तक्षेपों के बारे में भी सलाह देगी। इससे बिहार के लीची उद्योग को संकट से उबारने और किसानों की आय को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद, यह उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज या तकनीकी सहायता की घोषणा कर सकती है।