बैंक ऑफ महाराष्ट्र का मुनाफा 41% बढ़ा, दूसरी तिमाही में 2,310 करोड़ रुपये
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति
बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 2,310 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 1,633 करोड़ रुपये की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। बैंक ने बताया कि उसकी आय में सुधार और फंसे हुए कर्ज में कमी के कारण यह वृद्धि हुई है।
समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की ब्याज आय 8,607 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 7,128 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक की कुल आय भी बढ़कर 9,736 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 7,974 करोड़ रुपये थी।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 22 प्रतिशत बढ़कर 3,954 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 3,248 करोड़ रुपये थी। बैंक के प्रबंध निदेशक निधु सक्सेना ने कहा कि इस तिमाही में घरेलू शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 3.98 प्रतिशत और वैश्विक एनआईएम 3.86 प्रतिशत रहा।
सक्सेना ने बताया कि परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) एक साल पहले के 1.82 प्रतिशत से बढ़कर 2.02 प्रतिशत हो गया है। पूरे वित्त वर्ष के लिए आरओए का अनुमान 1.85 प्रतिशत है। बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रियायती अदला-बदली सुविधा के तहत 82 करोड़ अमेरिकी डॉलर और मध्यम अवधि के नोट (एमटीएन) कार्यक्रम के माध्यम से 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं।
उन्होंने कहा कि बैंक ने कुल मिलाकर 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं, जिसका उपयोग कर्ज की वृद्धि को समर्थन देने के लिए किया जाएगा। आरबीआई की सुविधा के तहत जुटाई गई राशि के उपयोग की स्पष्ट योजना है। सितंबर 2026 के अंत तक बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) कुल कर्ज के 1.25 प्रतिशत पर आ गईं, जो एक साल पहले 1.72 प्रतिशत थीं।
इसी प्रकार, शुद्ध एनपीए घटकर 0.12 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 0.18 प्रतिशत था। बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात सितंबर 2025 के 98.34 प्रतिशत से बढ़कर 98.53 प्रतिशत हो गया। पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी बढ़कर 18.51 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 18.13 प्रतिशत था।
सितंबर 2026 के अंत में बैंक का कुल कारोबार 25 प्रतिशत बढ़कर 7,05,766 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, कुल जमा में चालू खाता बचत खाता (सीएएसए) जमा की हिस्सेदारी घटकर 46.47 प्रतिशत रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के अंत में 50.35 प्रतिशत थी।