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बैंकों के लिए नए लोन रिकवरी नियम: केवल प्रशिक्षित एजेंटों को मिलेगी अनुमति

भारतीय रिजर्व बैंक ने लोन रिकवरी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनके तहत केवल प्रशिक्षित एजेंटों को लोन रिकवरी का कार्य सौंपा जाएगा। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंकों को ग्राहकों को अपनी रिकवरी एजेंसी और एजेंटों की जानकारी प्रदान करनी होगी। इसके अलावा, यदि ग्राहक ने कोई शिकायत दर्ज की है, तो बैंक उसे रिकवरी एजेंट नहीं भेज सकेगा। जानें और क्या हैं ये नए नियम और कैसे ये ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
 

बैंक लोन रिकवरी के लिए नए दिशा-निर्देश


अब बैंक केवल उन्हीं व्यक्तियों को लोन रिकवरी एजेंट के रूप में नियुक्त कर सकेंगे, जिन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (IIBF) से आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त किया हो। IIBF लोन रिकवरी एजेंटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है। इसके अलावा, बैंकों को लोन लेने वालों को अपनी रिकवरी एजेंसी और एजेंटों की पूरी जानकारी प्रदान करनी होगी।


सूचना का महत्व

यदि बैंक अपनी रिकवरी एजेंसी में कोई परिवर्तन करता है, तो उसे उधारकर्ताओं को इस बदलाव की सूचना भी देनी होगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोन रिकवरी के नियमों में बदलाव किया है, जो कि अगले अक्टूबर से प्रभावी होगा।


केवल प्रशिक्षित एजेंटों को अनुमति

नए नियमों के अनुसार, बैंक द्वारा नियुक्त रिकवरी एजेंसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके एजेंट लोन रिकवरी से संबंधित सभी नियमों का पालन करें। इसके अलावा, एजेंट केवल सुबह आठ बजे से शाम सात बजे के बीच ही ग्राहकों को कॉल कर सकेंगे। ग्राहक की विशेष मांग पर ही वे अन्य समय पर कॉल कर सकते हैं।


सूचना देने की प्रक्रिया

बैंक, लोन रिकवरी एजेंट को ग्राहक के घर भेजने से पहले कम से कम एक दिन पहले ई-मेल या फोन संदेश के माध्यम से एजेंट की जानकारी प्रदान करेगा। यदि ग्राहक का ई-मेल या फोन नंबर उपलब्ध नहीं है, तो तीन दिन पहले नोटिस भेजकर सूचित किया जाएगा।


शिकायतों का ध्यान

आरबीआई के नए नियमों के अनुसार, यदि लोन लेने वाले ने बैंक में किसी शिकायत को दर्ज कराया है, तो उस शिकायत के समाधान तक बैंक किसी कर्मचारी या रिकवरी एजेंट को ग्राहक के पास नहीं भेज सकता।


कॉलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता

बैंक कर्मचारी या रिकवरी एजेंट द्वारा किए गए सभी कॉल की तारीख और समय को दर्ज किया जाएगा। यदि कॉल के दौरान बातचीत रिकॉर्ड की जा रही है, तो इसकी जानकारी ग्राहकों को दी जाएगी। यह रिकॉर्डिंग छह महीने तक रखी जा सकेगी।


तकनीकी उपयोग पर प्रतिबंध

बैंक को कॉल रिकॉर्ड करने के कारण भी बताना होगा। लोन की रिकवरी के लिए बैंक लोन लेने वाले के मोबाइल या टैबलेट में किसी भी तकनीक का उपयोग नहीं करेगा। यदि मोबाइल फोन बैंक से उधार लेकर नहीं खरीदा गया है, तो बैंक किसी भी लोन लेने वाले के मोबाइल फोन को लोन रिकवरी के नाम पर अपने कब्जे में नहीं ले सकता।