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ब्रिक्स देशों की बैठक में साझा मुद्रा पर कोई चर्चा नहीं

ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की हालिया बैठक में साझा मुद्रा या अमेरिकी डॉलर को हटाने का कोई उल्लेख नहीं किया गया। बयान में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और सीमा-पार भुगतान प्रणालियों को सुधारने पर जोर दिया गया है। ईरान के राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता बताई, जबकि रूस के राष्ट्रपति ने वैश्विक वृद्धि के लिए एक नया मंच बनाने की बात की। भारत ने भी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने का समर्थन किया है।
 

ब्रिक्स वित्त मंत्रियों की बैठक का सारांश

ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की हालिया बैठक के बाद जारी किए गए संयुक्त बयान में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए साझा मुद्रा या डॉलर को हटाने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इस बयान में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने तथा सीमा-पार भुगतान प्रणालियों को सुधारने पर जोर दिया गया है।


बयान में न तो ब्रिक्स की साझा मुद्रा का जिक्र किया गया है और न ही डॉलर को हटाने का कोई औपचारिक आह्वान किया गया है। इसके बजाय, इसमें अंतर-संचालनीय भुगतान प्रणालियों, स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन और उन सदस्यों के बीच स्वैच्छिक सहयोग की बात की गई है, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करते हैं।


ब्रिक्स भुगतान कार्यबल (बीपीटीएफ) ने कुशल सीमा-पार भुगतान व्यवस्था के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने की दिशा में प्रयास किए हैं। बयान में कहा गया है, 'हम बीपीटीएफ को जारी काम के आधार पर चर्चा आगे बढ़ाने और ब्रिक्स देशों के बीच सीमा-पार भुगतान के लिए ऐसे व्यावहारिक समाधान तलाशने को प्रोत्साहित करते हैं, जो तेज, कम लागत वाले, अधिक सुलभ, दक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित हों।'


ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सदस्य देशों के बीच राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में मुद्राओं पर निर्भर मौजूदा वित्तीय प्रणाली राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील है।


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सीमित करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए ब्रिक्स के लिए 'वैश्विक वृद्धि का नया, टिकाऊ मंच' बनाने की आवश्यकता बताई। भारत ने भी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और भुगतान प्रणालियों को जोड़ने का समर्थन किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों के भुगतान तंत्र को जोड़ने और भारत के यूपीआई जैसे ढांचे का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया।