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ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में वृद्धि की संभावनाएं

ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन यह अभी भी वैश्विक व्यापार का केवल पांच प्रतिशत है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस समूह के भीतर व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। ब्रिक्स में शामिल देशों की सूची और वस्तु व्यापार में हुई वृद्धि के आंकड़े भी साझा किए गए हैं। जानें इस बैठक में चर्चा किए गए महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में।
 

ब्रिक्स देशों के व्यापार में वृद्धि

ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी वैश्विक व्यापार का लगभग पांच प्रतिशत ही है। यह जानकारी वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने साझा की।


अग्रवाल ने बताया कि इस समूह के भीतर व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की महत्वपूर्ण संभावनाएं मौजूद हैं।


ब्रिक्स में शामिल देशों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।


यह समूह वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा और सहयोग का एक मंच प्रदान करता है।


भारत ने 2012, 2016 और 2021 के बाद चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता की है।


गुजरात के गांधीनगर में 14-15 मई को आयोजित ब्रिक्स देशों के व्यापार और आर्थिक मामलों से जुड़े अधिकारियों की दूसरी बैठक में अग्रवाल ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच वस्तु व्यापार 2003 में 84 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.17 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा।


इसका मतलब है कि इसमें 13 गुना वृद्धि हुई है।


हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह व्यापार अब भी वैश्विक व्यापार का केवल लगभग पांच प्रतिशत है, जो यह दर्शाता है कि व्यापारिक एकीकरण, मूल्य श्रृंखला संबंधों और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की काफी गुंजाइश है।


बैठक में संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने और सेवा क्षेत्र में नए अवसरों को उत्पन्न करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।