ब्रिटेन का प्रतिनिधिमंडल भारत में व्यापारिक अवसरों की खोज में
ब्रिटेन का व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा
(अदिति खन्ना) लंदन, 12 अक्टूबर - ब्रिटेन का एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत में द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से मिलने वाले लाभों को अधिकतम करने के लिए आया है। ब्रिटेन सरकार ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की, साथ ही यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच एक अरब पाउंड के नए सौदों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में उत्तरी इंग्लैंड के सात मेयर, व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स, स्कॉटलैंड मामलों के मंत्री डगलस अलेक्जेंडर और पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण मामलों की मंत्री एंजेला ईगल सहित 100 से अधिक व्यवसायी शामिल हैं।
व्यापार समझौते के लाभ
यह प्रतिनिधिमंडल 15 जुलाई को भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) लागू होने के लगभग तीन महीने बाद भारत आया है। रेनॉल्ड्स ने यात्रा से पहले एक बयान में कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते ने नए अवसरों के दरवाजे खोले हैं। उन्होंने बताया कि उत्तरी मेयर के नेतृत्व में क्षेत्रीय व्यवसाय साझेदारियों के माध्यम से नौकरियां, निवेश और विकास लाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्नत विनिर्माण से लेकर शिक्षा तक, हम दोनों देशों के व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए अवसर बढ़ाने के लिए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं।
नए सौदों की घोषणा
इस यात्रा के दौरान घोषित सौदों में ब्रिटेन में कृत्रिम मेधा (एआई) अनुसंधान के लिए मेटा फॉर डेटा टेक्नोलॉजीज (एमएफडी) द्वारा पांच करोड़ पाउंड का निवेश शामिल है। इसके अलावा, ब्रिटेन की प्रमुख विमानन सेवा कंपनी मेंजियस एविएशन ने भारत में अपने विस्तार के साथ 60 करोड़ पाउंड से अधिक राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। ब्रिटेन के व्यापार विभाग ने बताया कि पिछले साल जुलाई में सीईटीए पर हस्ताक्षर के बाद से अब तक लगभग 12 अरब पाउंड मूल्य के सौदों की घोषणा की जा चुकी है।