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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण पूरा, हस्ताक्षर की उम्मीद

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच जल्द ही हस्ताक्षर की उम्मीद है, लेकिन यह अमेरिका की टैरिफ व्यवस्था पर निर्भर करेगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी बातचीत की प्रगति की पुष्टि की है। जानें इस समझौते की पृष्ठभूमि और भविष्य की संभावनाएं।
 

भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते की प्रगति


भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को जानकारी दी कि समझौते का कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है। दिल्ली में एसआरसीसी शताब्दी सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत अपने प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर व्यापारिक लाभ सुनिश्चित करने के बाद समझौते को लागू करना चाहता है.


जल्द समझौते पर हस्ताक्षर की संभावना

Indian Trade Minister Goyal on India, US trade agreement 1st tranche: "It has been finalized, going thru final, legal drafting. Hope to finalize soon, operationalise it once we get competitive advantage to peer countries" https://t.co/JkRmBZrdRm

— Sidhant Sibal (@sidhant) October 15, 2026


वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी बातचीत को सकारात्मक दिशा में बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश जल्द से जल्द समझौते को अंतिम रूप देकर उस पर हस्ताक्षर करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, हस्ताक्षर अमेरिका की टैरिफ व्यवस्था को अंतिम रूप दिए जाने पर निर्भर करेंगे।


विदेश मंत्री का सकारात्मक संकेत

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि बातचीत समझौते के करीब पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में केवल शर्तें तय करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह भी देखना होगा कि भारतीय उत्पादों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कितना लाभ मिलता है।


बातचीत का इतिहास

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत 2025 की शुरुआत से चल रही है। इसका उद्देश्य टैरिफ से जुड़े विवादों को सुलझाना, गैर-टैरिफ बाधाएं कम करना और दोनों देशों के बाजारों तक पहुंच बढ़ाना है।


द्विपक्षीय संबंधों में तनाव

अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव को कम करने में भूमिका संबंधी दावों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई थी।