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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान: बेहतर टैरिफ की शर्तें जरूरी

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत तब ही समझौते को अंतिम रूप देगा जब अमेरिका बेहतर टैरिफ शर्तें प्रदान करेगा। इस बयान के बाद व्यापार वार्ता की दिशा में क्या बदलाव आएगा, जानें इस लेख में। गोयल ने यह भी बताया कि भारत ने 9 मुक्त व्यापार समझौतों को पूरा किया है, जिससे वैश्विक व्यापार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
 

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की स्थिति


नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौते पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तब ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देगा जब अमेरिका भारत को उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ शर्तें प्रदान करेगा। यह बयान उस समय आया है जब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और लगभग पूरा हो चुका है।


डील को अंतिम रूप देने के लिए बेहतर दर की आवश्यकता

पीयूष गोयल ने गुरुवार को FTA आउटरीच कार्यक्रम के तहत आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में कहा कि जैसे ही अमेरिका हमें हमारे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर दर देने में सक्षम होगा, हम BTA को अंतिम रूप देंगे और इसकी घोषणा करेंगे।


फरवरी में, दोनों देशों ने समझौते के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। लेकिन अमेरिका में टैरिफ के हालात बदलने के कारण बातचीत में रुकावट आई है। अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लागू किया है, जिससे वार्ता और जटिल हो गई है।


भारत के मुक्त व्यापार समझौते और वैश्विक अर्थव्यवस्था

गोयल ने बताया कि भारत ने अब तक 9 मुक्त व्यापार समझौतों को पूरा किया है, जो लगभग 60 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी वाली अर्थव्यवस्थाओं तक फैले हुए हैं। इससे भारत को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।


उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौता जल्द ही लागू होगा, इसके बाद EU के साथ FTA लागू होगा, जो 27 देशों का समूह है। और जैसे ही अमेरिका बेहतर दर प्रदान करेगा, BTA भी अंतिम रूप लेगा।


पीयूष गोयल का अमेरिका दौरा और प्रतिस्पर्धी देशों की स्थिति

पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका की यात्रा करेंगे। वे मिल्वौकी में G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे और USTR जेमिसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें व्यापार समझौते पर चर्चा होगी। यह दो दिवसीय मंत्री स्तरीय बैठक 30 सितंबर से शुरू होगी। अमेरिका 2026 में G20 की अध्यक्षता करेगा।


भारत के प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों में श्रीलंका, बांग्लादेश, थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया शामिल हैं। इन देशों की तुलना में टैरिफ में लाभ मिलने से भारतीय उत्पादों को मूल्य के मामले में महत्वपूर्ण बढ़त मिलेगी।


2025 में भारत का अमेरिका को निर्यात 103.82 अरब डॉलर था, जबकि अमेरिका का भारत को निर्यात 45.6 अरब डॉलर रहा, जिससे कुल द्विपक्षीय व्यापार 149.42 अरब डॉलर तक पहुंच गया।