भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विदेश मंत्री की महत्वपूर्ण टिप्पणी
भारत और अमेरिका के व्यापार संबंधों पर चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि यदि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता सफल होता है, तो इससे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होगा। उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के समापन पर 'एशिया सोसाइटी' द्वारा आयोजित एक विशेष संवाद में यह बात कही। इस संवाद में भारतीय-अमेरिकी और प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्यों के साथ नीति विशेषज्ञ भी शामिल थे।
इस संवाद का संचालन एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के 'डिस्टिंग्विश्ड फेलो' और पूर्व अमेरिकी राजनयिक डेनियल रसेल ने किया। जयशंकर से भारत-अमेरिका संबंधों, विशेषकर पिछले वर्ष में व्यापार और शुल्क से संबंधित घटनाक्रमों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा, "अमेरिका के साथ संबंध बनाना कई देशों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। यह एक कठिन वास्तविकता है।"
जयशंकर ने व्यापार वार्ता की जटिलताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत छोटे उत्पादकों और कृषि उत्पादकों का देश है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रति व्यक्ति आय का अंतर और उत्पादन की प्रकृति में भिन्नता है। उन्होंने कहा, "व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए धैर्य और बारीकियों पर ध्यान देना आवश्यक है।"
उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार समझौते को लेकर एक समझ बन चुकी है। भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका के शुल्क ढांचे में बदलाव के कारण बातचीत जारी है।
अमेरिका ने जुलाई में भारत से आयात पर व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया था। यह कदम भारत द्वारा 'बंधुआ मजदूरी' से संबंधित वस्तुओं की जांच के बाद उठाया गया था। जयशंकर ने कहा कि अब यह देखना है कि अमेरिकी पक्ष में क्या बदलाव आया है और यह समझौते को कैसे प्रभावित करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि द्विपक्षीय संबंध अमेरिका के आंतरिक घटनाक्रमों से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, "आज लोगों की आवाजाही का अर्थशास्त्र और राजनीति एक-दूसरे के विपरीत हैं।" जयशंकर ने कहा कि आज की विदेश नीति केवल नेताओं या राजनयिकों द्वारा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के प्रभाव से भी संचालित होती है।
गौरतलब है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे, जहां वह जी20 बैठक में शामिल होंगे और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा करेंगे।