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भारत-ओमान व्यापार समझौते के तहत नया प्रमाणपत्र प्रणाली शुरू

भारत सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत 'मूलस्थान का तरजीही प्रमाणपत्र' एक जून से ट्रेड कनेक्ट पोर्टल पर उपलब्ध होगा। यह प्रमाणपत्र निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो आयात करने वाले देशों में सीमा शुल्क रियायतों का लाभ उठाना चाहते हैं। यह व्यवस्था 2026 में लागू होगी, जब व्यापार समझौता प्रभाव में आएगा।
 

भारत-ओमान सीईपीए के तहत नई पहल

सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के अंतर्गत निर्यात के लिए आवश्यक 'मूलस्थान का तरजीही प्रमाणपत्र' एक जून से ट्रेड कनेक्ट पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।


विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में बताया कि यह सुविधा ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जो भारतीय निर्यात के लिए मूलस्थान के सभी इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्रों का एकीकृत डिजिटल मंच है।


प्रमाणपत्र का महत्व

यह प्रमाणपत्र उन निर्यातकों के लिए अनिवार्य है जो व्यापार समझौतों के तहत आयात करने वाले देशों में सीमा शुल्क रियायतों का लाभ उठाना चाहते हैं।


सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था एक जून 2026 से भारत-ओमान व्यापार समझौते के लागू होने के साथ शुरू की जाएगी, जिस पर दिसंबर 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे।